आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं। सैलरी बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर में बदलाव, भत्तों और पेंशन में संशोधन को लेकर उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं।
हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल यह पूरा मामला संभावनाओं और अटकलों तक ही सीमित है।
अगर भविष्य में 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो यह 2016 में लागू हुए 7वें वेतन आयोग की तरह ही केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन व्यवस्था की समीक्षा करेगा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसका फायदा किन कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा और किन्हें नहीं।
किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा फायदा?
मौजूदा नियमों के आधार पर कुछ श्रेणियों को सीधे तौर पर 8वें वेतन आयोग का फायदा नहीं मिलेगा।
- सबसे पहले, निजी क्षेत्र के कर्मचारी इस दायरे में नहीं आते। वेतन आयोग की सिफारिशें केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होती हैं।
- दूसरे, संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) और अस्थायी कर्मचारी, जो केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत नहीं आते, उन्हें भी सीधा लाभ मिलने की संभावना कम है।
- तीसरे, राज्य सरकार के कर्मचारी। उन्हें तभी फायदा मिलेगा जब संबंधित राज्य सरकारें 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरी या आंशिक रूप से अपनाने का फैसला करें।
- चौथे, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के कर्मचारी। इन संस्थानों में वेतन ढांचा अलग होता है और जब तक संबंधित संगठन केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं करता, तब तक सीधा लाभ नहीं मिलता।
- इसके अलावा, स्वायत्त संस्थानों (Autonomous Bodies) के कर्मचारी भी तभी लाभ पाएंगे, जब वे केंद्र सरकार के वेतन नियमों का पालन करते हों।
जहां तक पेंशनर्स की बात है, आम तौर पर केंद्रीय पेंशनर्स को वेतन आयोग संशोधन का लाभ मिलता है। लेकिन अंतिम पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार अधिसूचना में क्या नियम तय करती है।
50 लाख कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स दायरे में
फिलहाल आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसलिए कर्मचारियों और पेंशनर्स को सलाह है कि वे केवल सरकारी घोषणाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें। बता दें कि आठवें वेतन आयोग के दायरे में देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख से ज्यादा पेंशनर्स हैं।
















