देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel ने साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कैलिफोर्निया स्थित एआई सिक्योरिटी स्टार्टअप Zscaler के साथ साझेदारी का ऐलान किया है। इस साझेदारी का मकसद यूजर्स को बढ़ते साइबर खतरों से सुरक्षित रखना है। इसके तहत भारत में एक AI और Cyber Threat रिसर्च सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
भारत में बनेगा AI रिसर्च सेंटर
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान एयरटेल ने अपने एआई थ्रेट मॉडल को पेश किया। कंपनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस साझेदारी की जानकारी दी।
एयरटेल के मुताबिक, यह एक मल्टी-स्टेकहोल्डर डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य देश में साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है। इस पहल के जरिए टेलीकम्युनिकेशन, बैंकिंग, एनर्जी और अन्य सेक्टर्स को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत किया जाएगा।
अमेरिकी कंपनी के साथ साझेदारी
एयरटेल ने बताया कि रिसर्च सेंटर के लिए Zscaler ThreatLabz की टीम भी सहयोग करेगी। यह टीम हर महीने लाखों साइबर हमलों के प्रयासों का विश्लेषण करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में भारत के पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में करीब 12 लाख साइबर हमलों के प्रयास दर्ज किए गए हैं, जो करीब 20 हजार अलग-अलग सोर्स से आए थे। इनमें देश की 58 डिजिटल संस्थाओं को निशाना बनाया गया था।
अधिकारियों का बयान
एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट Gopal Vittal ने कहा कि यह एआई रिसर्च सेंटर लोगों को सुरक्षित तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने में मदद करेगा। रिसर्च आधारित सिस्टम साइबर खतरों को पहले ही पहचानकर रोकने में सक्षम होगा।
वहीं, Jay Chaudhry ने कहा कि इस पहल से भारत को एक मजबूत सिक्योरिटी क्लाउड मिलेगा, जो सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को साइबर हमलों से बचाने में मदद करेगा।
AI डिटेक्शन टूल से सुरक्षा
एयरटेल पहले ही अपने नेटवर्क में AI आधारित डिटेक्शन टूल लागू कर चुका है, जो फर्जी कॉल और मैसेज को पहचानकर यूजर्स को पहले ही चेतावनी देता है। यह सिस्टम नेटवर्क स्तर पर ही स्पैम कॉल और साइबर फ्रॉड को पकड़ने में सक्षम है।
एयरटेल की इस पहल के बाद अन्य टेलीकॉम कंपनियों ने भी इसी तरह के टूल्स को अपनाना शुरू कर दिया है, जिससे यूजर्स की डिजिटल सुरक्षा और मजबूत हो रही है।
















