गृह मंत्रालय ने देश की पहली व्यापक एंटी टेरर पॉलिसी जारी की है, जिसका नाम ‘प्रहार’ (PRAHAAR) रखा गया है। इस पॉलिसी में सीमा पार आतंकवाद के साथ-साथ साइबर हमले, क्रिमिनल हैकर्स और नई तकनीकों से पैदा हो रहे खतरों का विस्तार से जिक्र किया गया है।
पॉलिसी के मुताबिक, भारत जमीन, पानी और हवा—तीनों स्तरों पर आतंकवादी चुनौतियों का सामना कर रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारत आतंकवाद को किसी धर्म, जाति या राष्ट्रीयता से जोड़कर नहीं देखता।

आतंकी नेटवर्क और नई तकनीक पर नजर
रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी संगठन अब अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए संगठित अपराधियों का सहारा ले रहे हैं। भर्ती और लॉजिस्टिक्स के लिए ये नेटवर्क तेजी से इस्तेमाल हो रहे हैं।
इसके अलावा फंडिंग और ऑपरेशन के लिए सोशल मीडिया, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप, एन्क्रिप्शन टूल, डार्क वेब और क्रिप्टो वॉलेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है। गुमनाम (एनॉनिमस) गतिविधियों को भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बताया गया है।
CBRNED और ड्रोन खतरे पर चिंता
पॉलिसी में केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर, एक्सप्लोसिव और डिजिटल (CBRNED) मैटीरियल के गलत इस्तेमाल के खतरे को गंभीर बताया गया है।
साथ ही ड्रोन और रोबोटिक्स तकनीक का दुरुपयोग कर हमले करने की आशंका भी जताई गई है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।
युवाओं की भर्ती और रेडिकलाइजेशन पर फोकस
गृह मंत्रालय के अनुसार आतंकी संगठन भारतीय युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों में पहचान होने पर पुलिस द्वारा चरणबद्ध कार्रवाई की जाती है।

इसमें समाज और धार्मिक नेताओं की भूमिका को भी अहम बताया गया है। साथ ही एनजीओ और जागरूकता अभियानों के जरिए कट्टरता के खिलाफ काम करने पर जोर दिया गया है।
ग्लोबल आतंकी संगठनों का जिक्र
पॉलिसी में अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि ये संगठन स्लीपर सेल के जरिए भारत में हिंसा फैलाने की कोशिश करते रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
पॉलिसी में ट्रांसनेशनल आतंकवाद से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सहयोग को भी जरूरी बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश में बैठे आतंकी समूह हमलों के लिए स्थानीय नेटवर्क, संसाधन और इलाके की जानकारी का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।
सरकार का कहना है कि ‘प्रहार’ पॉलिसी के जरिए देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
















