मिडल ईस्ट में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच भारतीय नाविकों से जुड़ी दुखद खबर सामने आई है। शिपिंग महानिदेशालय (DGS) ने मंगलवार को पुष्टि की कि विदेशी झंडे वाले जहाजों पर तैनात तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। यह घटना अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच हुई, जिसने वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों को जोखिम में डाल दिया है।
विदेशी जहाजों पर तैनात थे नाविक
डीजी शिपिंग के अनुसार, इस क्षेत्र में चार भारतीय नाविकों से जुड़ी घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। हताहत सभी नाविक विदेशी झंडे वाले जहाजों पर काम कर रहे थे।
अबू धाबी में फंसे भारतीय सुरक्षित लौटे
वहीं अबू धाबी में फंसे भारतीय यात्री सोमवार रात कर्नाटक के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे। यात्रियों ने बताया कि मिसाइल हमले की आशंका के बीच वे तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहे थे। सुरक्षित लौटने पर उन्होंने एतिहाद एयरवेज, अबू धाबी सरकार और भारत सरकार का धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके ठहरने और परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की।
मिडल ईस्ट में खतरनाक अनुभव
मंगलुरु के सौरभ शेट्टी, जो अबू धाबी में एक तेल कंपनी में काम करते हैं, ने स्थिति को डरावनी बताया। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को उड़ान पकड़ने पहुंचे तो सब सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक जांच कक्ष के पास अलार्म बजा और यात्रियों को खिड़कियों से दूर बैठने को कहा गया। शेट्टी ने बताया, “किसी ने कहा कि मिसाइल हमला होने वाला है। हम स्तब्ध रह गए। हमें लगा अबू धाबी सबसे सुरक्षित शहर है, लेकिन बाहर देखा तो आकाश में मिसाइल दिखाई दी।”
उन्होंने इसे जीवन बदल देने वाला अनुभव बताते हुए कहा, “जब आप अपने सामने मिसाइल उड़ते देखते हैं, तो लगता है कि यह कभी भी आपके ऊपर गिर सकती है। होटल के कमरे से मैं मिसाइलों को टकराते देख सकता था। उस समय हमें भारतीय सेना की चुनौतियों और साहस का एहसास हुआ। हमें उन पर गर्व है।”















