संसद के बजट सत्र का पहला चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण हंगामेदार रहा। अब सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इसकी शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से होगी, ऐसे में संसद में फिर से जोरदार हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा ईरान-इजरायल युद्ध, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत पर भारत के रुख और रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका के दावों जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार भी इन आरोपों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई दे रही है।
सरकार भी कर सकती है पलटवार
कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों का पूरा समर्थन कांग्रेस को नहीं मिला, जिससे पार्टी इस मुद्दे पर अकेली नजर आ रही है। ऐसे में सरकार इसे देश की छवि से जोड़ते हुए कांग्रेस पर पलटवार कर सकती है।
इन मुद्दों पर हो सकता है टकराव
बजट सत्र के दूसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय हालात और उनके असर को लेकर संसद में बहस तेज हो सकती है। विपक्ष अमेरिका के उस दावे को मुद्दा बना सकता है, जिसमें कहा गया है कि भारत रूस से तेल खरीद जारी रखे हुए है। इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
इसके अलावा भारतीय समुद्री क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर हमले की घटना को भी विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर उठाने की तैयारी में है। वहीं अली खामेनेई की मौत पर सरकार की शुरुआती चुप्पी को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
पश्चिम बंगाल का मुद्दा भी गरमा सकता है
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाता सूची पुनरीक्षण के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर दिए गए तीखे बयान के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि यह मुद्दा भी संसद में हंगामे की वजह बन सकता है।
सत्ता पक्ष की भी पूरी तैयारी
हालांकि विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी रणनीति तैयार कर ली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने के साथ-साथ सरकार कांग्रेस को कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि बजट सत्र के पहले चरण में भी कई मुद्दों पर राजनीतिक टकराव देखने को मिला था। पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे बढ़ते हुए सांसदों के निलंबन और लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंच गया।
इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस चलती रही। सरकार इस समझौते को सही बताती रही, जबकि कांग्रेस लगातार इस पर सवाल उठाती रही। माना जा रहा है कि बजट सत्र के दूसरे चरण में भी यह मुद्दा चर्चा में बना रह सकता है।















