ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब किस दिशा में जाएगा, यह कहना फिलहाल मुश्किल है। मिडिल ईस्ट में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और क्षेत्र युद्ध की आशंका के साये में है। इसी बीच अमेरिका ने क़ेशम द्वीप पर स्थित मीठे पानी के विलवणीकरण संयंत्र को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यह एक गंभीर और निराशाजनक अपराध है। इस हमले से करीब 30 गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
अराघची ने कहा कि किसी देश के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बेहद खतरनाक कदम है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की मिसाल अमेरिका ने कायम की है, ईरान ने नहीं। वहीं एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के मुताबिक, तेहरान अब जवाबी कार्रवाई के लिए अमेरिका से जुड़े नए ठिकानों की तलाश कर रहा है।
ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस सप्ताहांत ईरान पर “बहुत कड़ा प्रहार” किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के कुछ नए क्षेत्रों को भी निशाने पर लेने पर विचार किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, “पिछले एक साल में दुनिया ने अमेरिका की ताकत देखी है। हम दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य देशों में से एक हैं। लोग मुझे सैन्यवादी कहते हैं, लेकिन मैंने ही आठ युद्ध खत्म किए हैं।”
ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा कि उसकी संचार और दूरसंचार व्यवस्था काफी हद तक ठप हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ईरान अब किस तरह आपस में संपर्क कर रहा है, लेकिन शायद वे कोई न कोई तरीका निकाल ही लेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह उन सैनिकों के परिवारों से मिलेंगे जो ईरान से वापस लौट रहे हैं।
यूएई, कतर और इजरायल ने जारी किया अलर्ट
संयुक्त अरब अमीरात के गृह मंत्रालय ने बताया कि वायु रक्षा प्रणाली संभावित मिसाइल हमले से निपटने के लिए सक्रिय कर दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और आधिकारिक वेबसाइटों पर जारी निर्देशों का पालन करें।
वहीं कतर के आंतरिक मंत्रालय ने मोबाइल फोन के जरिए नया अलर्ट जारी कर सुरक्षा खतरे का स्तर बढ़ा दिया है और नागरिकों से घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
उधर इजरायली सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में रहने वाले लोगों के लिए नई निकासी चेतावनी जारी की है। सेना ने उन लोगों से तुरंत इलाके को खाली करने को कहा है, जिन्होंने अब तक अपने घर नहीं छोड़े हैं।
















