मिडिल ईस्ट में जारी इजराइल और ईरान के बीच तनाव का असर अब देश के आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। बस्तर जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में पिछले एक साल में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे जिले के करीब 1 लाख 82 हजार गैस उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर असर पड़ा है।
उज्ज्वला योजना के तहत सबसे ज्यादा कनेक्शन
बस्तर जिले में कुल 1,86,924 गैस कनेक्शन सक्रिय हैं। इनमें से लगभग 1,30,000 कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं। इसके अलावा करीब 52,000 सामान्य घरेलू कनेक्शन और लगभग 3,500 व्यावसायिक गैस कनेक्शन भी शामिल हैं।
हालिया बढ़ोतरी के बाद अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 877.50 रुपये से बढ़कर 937.50 रुपये हो गई है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,941.50 रुपये से बढ़कर 2,056.50 रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की कीमत करीब 357.50 रुपये हो गई है।
युद्ध और वैश्विक बाजार का असर
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण यह बढ़ोतरी हुई है। केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति संतुलित रखते हुए रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बाजार में कमी न हो।
हालांकि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर बीपीएल और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर पड़ रहा है, जो पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बढ़ती कीमतों से घरेलू खर्च का संतुलन बिगड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को आम लोगों को राहत देने के लिए जल्द कुछ कदम उठाने की जरूरत















