अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध आज 12वें दिन में पहुंच गया है। ईरान के अनुसार अब तक हुए हमलों में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 8000 घरों को नुकसान पहुंचा है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने बताया कि देश के करीब 9600 नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है। इनमें घरों के अलावा बाजार, अस्पताल, दवा केंद्र और स्कूल भी शामिल हैं।
दूसरी ओर ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के हाइफा, येरुशलम और तेल अवीव जैसे शहरों पर भी मिसाइल हमले किए हैं। इस युद्ध का असर अमेरिकी सेना पर भी पड़ा है। अमेरिका के रक्षा विभाग के मुताबिक अब तक लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
जंग के पहले दो दिन में अमेरिका ने खर्च किए ₹46 हजार करोड़
अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के पहले दो दिनों में करीब 5.6 अरब डॉलर यानी लगभग 46 हजार करोड़ रुपये खर्च किए। यह जानकारी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने संसद को दी गई एक रिपोर्ट में दी है।
रिपोर्ट के अनुसार युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी सेना ने बड़ी संख्या में महंगे और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। इनमें लंबी दूरी तक मार करने वाली प्रिसिजन गाइडेड मिसाइलें और अन्य उन्नत हथियार शामिल थे।
इसके अलावा ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों को एयर डिफेंस सिस्टम का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करना पड़ा।
सैटेलाइट तस्वीरों से लीक हुई अमेरिकी तैयारी
बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को ईरान पर पहला हमला होने से पहले ही चीनी सोशल मीडिया पर संकेत मिलने लगे थे कि अमेरिका बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है।
इंटरनेट पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें तेजी से वायरल हो गई थीं। इन तस्वीरों में रनवे पर खड़े लड़ाकू विमान, रेगिस्तानी एयरफील्ड पर उतरते ट्रांसपोर्ट प्लेन और भूमध्य सागर में तैनात विमानवाहक पोत के डेक पर फाइटर जेट दिखाई दे रहे थे।
इन तस्वीरों की खास बात यह थी कि इनमें काफी विस्तृत जानकारी दी गई थी और यह जानकारी अंग्रेजी के बजाय मंदारिन यानी चीनी भाषा में लिखी हुई थी।
















