राजधानी रायपुर के व्यस्त इलाकों में शामिल तेलघानी चौक पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक छोटे मालवाहक वाहनों की एंट्री पर ‘नो-एंट्री’ लागू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और लोगों को राहत मिलेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पुलिस के मुताबिक तेलघानी चौक और स्टेशन रोड पर पीक टाइम के दौरान मालवाहक वाहनों की लोडिंग और अनलोडिंग के कारण अक्सर लंबा जाम लग जाता था। इसी परेशानी को देखते हुए शाम के व्यस्त समय में इन वाहनों के आने-जाने पर रोक लगाई गई है, ताकि ट्रैफिक आसानी से चलता रहे और जाम की स्थिति कम हो सके।
क्या ‘नो-एंट्री’ है स्थायी समाधान?
हालांकि इस फैसले के बाद शहर के व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स का कहना है कि केवल नो-एंट्री लगाना ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनका मानना है कि जब तक ट्रांसपोर्ट नगर को पूरी तरह शहर से बाहर शिफ्ट नहीं किया जाएगा, तब तक ट्रैफिक की परेशानी बनी रहेगी।
छोटे ट्रांसपोर्टरों की क्या है दलील?
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर छोटे ट्रांसपोर्टरों पर पड़ा है। उनका कहना है कि शाम का समय ही उनके काम का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। ऐसे में इसी दौरान नो-एंट्री लागू होने से उनकी आमदनी पर असर पड़ेगा। कई ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि इससे उनके लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो सकता है।
फिलहाल तेलघानी चौक पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और जाम की स्थिति में कुछ सुधार भी देखने को मिल रहा है। हालांकि ट्रांसपोर्टरों की बढ़ती परेशानी और चेंबर ऑफ कॉमर्स की मांग के बाद यह मुद्दा अब नीतिगत स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
















