जगदलपुर में 11 मार्च को 108 नक्सली कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। आईजी बस्तर ने बताया कि सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के डंप से जमीन में दबाकर रखे गए 3 करोड़ 61 लाख रुपये नकद और करीब 1 किलो सोना बरामद किया है। यह बरामदगी मुख्य रूप से बीजापुर जिले के इलाके से की गई है।
ग्रामीणों से वसूली कर जुटाया जाता था पैसा
आईजी बस्तर के अनुसार नक्सलियों के पास जो करोड़ों रुपये मिले हैं, वह ग्रामीणों से जबरन वसूली कर जुटाए गए थे। यह पैसा तथाकथित “टैक्स” के रूप में लिया जाता था। इसके अलावा तेंदूपत्ता लेवी और ग्रामीणों से साइकिल से लेकर मोटरसाइकिल तक के नाम पर भी रकम वसूली जाती थी।
हथियार और संसाधन जुटाने में होता था इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि नक्सली इस पैसे का इस्तेमाल हथियार खरीदने और संगठन के लिए अन्य संसाधन जुटाने में करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद रकम का कुछ हिस्सा पड़ोसी राज्यों में सोने में बदलकर सुरक्षित रखा गया था, ताकि जरूरत पड़ने पर संगठन के काम में लाया जा सके।
जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
आईजी बस्तर ने कहा कि नक्सलियों के पास कोई स्थायी आय का स्रोत नहीं होता, इसलिए वे अंदरूनी इलाकों में काम करने वाली एजेंसियों और ग्रामीणों से जबरन वसूली करते हैं। फिलहाल करोड़ों रुपये की इस बरामदगी के मामले में सुरक्षा एजेंसियां आगे की जांच कर रही हैं।
ओडिशा में 11 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
इधर ओडिशा के कालाहांडी जिले में रविवार को 11 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। भवानिपटना रिजर्व पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हथियार डाले। इस दौरान ओडिशा के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया भी मौजूद रहे। आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी बंसाधारा-गुमुसर-नागबली (BGN) डिवीजन से जुड़े बताए जा रहे हैं।
डीजीपी खुरानिया ने कहा कि यह डिवीजन अब लगभग खत्म हो चुका है और करीब 15 माओवादी ही कंधमाल, रायगढ़ा और कालाहांडी के ट्राई-जंक्शन इलाके में सक्रिय बचे हैं। उन्होंने इनसे भी सरकार की पुनर्वास योजना के तहत आत्मसमर्पण करने की अपील की है।
ओडिशा के दो जिले घोषित हुए नक्सल मुक्त
इससे पहले 2 मार्च को डीजीपी खुरानिया ने बोलांगीर और बरगढ़ जिलों को नक्सल मुक्त घोषित किया था। उन्होंने बताया कि संयुक्त अभियान, सटीक खुफिया जानकारी और स्थानीय लोगों के सहयोग से इन जिलों में नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह खत्म किया जा सका है।
गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में कंधमाल जिले में एक बड़े अभियान के दौरान 6 नक्सली मारे गए थे। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ बड़ी सफलता बताया था और कहा था कि केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
















