दुर्ग, छत्तीसगढ़: इस वर्ष शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। दुर्ग जिले में आरटीई सीटों में भारी कटौती करते हुए संख्या घटाकर केवल 1425 कर दी गई है। पिछले साल जहां 4267 सीटें थीं, इस बार 2842 सीटें कम कर दी गई हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
केजी-नर्सरी खत्म, अब सीधे पहली कक्षा में प्रवेश
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि केजी-1, केजी-2 और नर्सरी कक्षाओं को आरटीई दायरे से बाहर कर दिया गया है। अब केवल पहली कक्षा में ही प्रवेश दिया जाएगा। इस बार अब तक 2533 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि सीटें सिर्फ 1425 हैं, जिससे बड़ी संख्या में बच्चों का चयन नहीं हो पाएगा।
निजी स्कूलों की संख्या में कमी
पिछले साल जहां 540 निजी स्कूल आरटीई के तहत शामिल थे, इस बार उनकी संख्या घटकर 528 रह गई है। इसका असर भी सीटों की कमी पर पड़ा है। प्रवेश प्रक्रिया इस वर्ष पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी।
पहले चरण का शेड्यूल
- ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 31 मार्च 2026
- नोडल वेरिफिकेशन: 16 फरवरी से 31 मार्च
- लॉटरी के माध्यम से सीट आबंटन: 13 से 17 अप्रैल
- चयनित छात्रों का प्रवेश: 1 से 30 मई
- शुल्क प्रतिपूर्ति सत्यापन: 25 मई से 25 जून
दूसरे चरण का शेड्यूल
- नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन: 8 से 20 जून
- सीटों का वेरिफिकेशन: 8 जून से 25 जून
- छात्र पंजीयन: 1 से 11 जुलाई
- नोडल वेरिफिकेशन: 1 से 15 जुलाई
- लॉटरी और सीट आबंटन: 27 से 31 जुलाई
- चयनित छात्रों का प्रवेश: 3 से 17 अगस्त
अभिभावकों में चिंता
सीटों में कटौती और कक्षाओं के दायरे में बदलाव के कारण इस बार कई बच्चों को आरटीई का लाभ नहीं मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में शिक्षा का अवसर सीमित हो सकता है।
















