छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 1 अप्रैल 2026 से राज्य के सभी जिला कोषालयों में मैनुअल चालान जमा करने की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके बाद केवल ऑनलाइन चालान ही स्वीकार किए जाएंगे।
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सोमवार को बैरनबाजार स्थित शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन चालान प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
जिला कोषालय अधिकारी गजानन पटेल ने बताया कि ओटीसी (ओवर द काउंटर) ई-चालान सिस्टम के जरिए चालान जमा करना अब पहले से आसान होगा। मैनुअल सिस्टम में जहां गलती की संभावना ज्यादा रहती थी, वहीं ऑनलाइन सिस्टम में सही मद का चयन करना सरल होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
नई व्यवस्था के तहत ई-कोष पोर्टल के ई-चालान मॉड्यूल के माध्यम से चालान का डेटा सीधे बैंक तक ऑनलाइन पहुंच जाएगा। इससे समय की बचत होगी और लेखा-जोखा में होने वाली गलतियां काफी हद तक कम हो जाएंगी।
अब तक मैनुअल सिस्टम में डेटा एंट्री में गड़बड़ी, चालान खोने और देरी जैसी समस्याएं सामने आती थीं। साथ ही लेखा जांच और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया भी धीमी रहती थी। लेकिन ऑनलाइन प्रणाली लागू होने के बाद ये समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
राज्य सरकार का यह कदम डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे सरकारी कर्मचारियों, आम लोगों और बैंकों के लिए लेन-देन की प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी। 1 अप्रैल 2026 से इस नई व्यवस्था का पूरे राज्य में सख्ती से पालन किया जाएगा।
















