छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के शराब उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। जानकारी के अनुसार, इस साल देसी शराब की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। डिस्टिलरी कंपनियों ने इस बार पिछले साल से कम रेट पर सप्लाई देने की पेशकश की है, जिससे सरकार को देसी शराब सस्ती मिलेगी। बताया जा रहा है कि एक पेटी पर करीब 75 रुपये की कमी आई है, लेकिन राउंड ऑफ प्राइसिंग के कारण इसका सीधा फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया से सरकार को करीब 1300 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है।
ड्यूटी बढ़ी, लेकिन कीमतें फिलहाल स्थिर
राज्य सरकार ने आबकारी नियमों में बदलाव करते हुए नई नीति लागू की है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। इसके तहत देसी और विदेशी दोनों तरह की शराब पर ड्यूटी दरें बढ़ाई गई हैं। हालांकि, फिलहाल आम ब्रांड्स की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई अधिसूचना के अनुसार, अब शराब पर ड्यूटी उसकी कीमत के आधार पर तय होगी। यानी महंगी शराब पर ज्यादा टैक्स लगेगा, जिससे प्रीमियम और हाई-एंड ब्रांड्स महंगे हो सकते हैं। इसके साथ ही बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों पर भी नई ड्यूटी दरें लागू होंगी।
सरकार ने सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए न्यूनतम ड्यूटी दर तय की है, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। वहीं अब शराब की सप्लाई से पहले टैक्स का भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है, यानी बिना ड्यूटी चुकाए सप्लाई संभव नहीं होगी। इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
कैबिनेट से मिली मंजूरी
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके साथ बार नीति, अहाता व्यवस्था और शराब दुकानों के संचालन के नियम भी तय किए गए हैं।
नई आबकारी नीति 2026-27 को लेकर लाइसेंसधारियों से सुझाव भी लिए गए थे। इस संबंध में अक्टूबर 2025 में आबकारी आयुक्त की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित की गई थीं।















