देशभर में 2027 की जनगणना को लेकर भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि जनगणना की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं और कुछ ही दिनों में पहले चरण – हाउस लिस्टिंग और आवास जनगणना – का फील्डवर्क कई राज्यों में शुरू हो जाएगा। इस बार डेटा संग्रह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना
नारायण ने बताया कि यह स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। जनगणना पूरी तरह गोपनीय होगी और इसकी जानकारी आरटीआई से भी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की प्रशासनिक मशीनरी और गृहमंत्री के निर्देशों के तहत यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हाउस लिस्टिंग अप्रैल-सितंबर 2026 में
जनगणना हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। पहले चरण के 34 सवाल पहले ही अधिसूचित किए जा चुके हैं। इसमें घर के फर्श और छत में इस्तेमाल सामग्री, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का लिंग, उपभोग किए जाने वाले अनाज का प्रकार, बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच और स्वामित्व वाले वाहनों के प्रकार शामिल हैं।
19 भाषाओं में मैन्युअल, 16 भाषाओं में ऐप
इस बार नई व्यवस्था के तहत लोग खुद अपने डेटा दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए 19 भाषाओं में मैन्युअल तैयार किया गया है और ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जनगणना ऐप 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा।
लिव-इन जोड़ों को भी माना जाएगा विवाहित
स्व-गणना पोर्टल पर FAQ में बताया गया है कि अगर लिव-इन संबंध में रहने वाले दो लोग हमेशा के लिए एक-दूसरे को अपना मानते हैं, तो उन्हें जनगणना में विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा।















