देश की राजधानी नई दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई ने दिल्ली सीमा के पास से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी शबीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह गुप्त गिरोह के रूप में काम कर रहा था और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
विशेष इकाई के अनुसार, यह गिरफ्तारी पुलिस उपायुक्त प्रवीण त्रिपाठी के नेतृत्व में निरीक्षक सुनील और निरीक्षक धीरज मेहलावत की टीम ने गाजीपुर क्षेत्र में की। जांच में सामने आया है कि शबीर अहमद लोन उसी गिरोह का संचालक था, जिसमें पहले आठ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। इनमें सात बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक शामिल था। इसके अलावा तमिलनाडु के तिरुप्पुर से छह और बांग्लादेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और भारत की मुद्रा के साथ एक नेपाली दूरभाष सिम कार्ड भी मिला है। जांच एजेंसियों के अनुसार, शबीर अहमद लोन पहले भी वर्ष 2007 में गिरफ्तार हो चुका है, जब उसके पास से एक स्वचालित राइफल और हाथ से फेंके जाने वाले विस्फोटक बरामद हुए थे। इसके बाद वर्ष 2015 में भी उसे श्रीनगर में पकड़ा गया था।
जमानत पर रिहा होने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया, जहां उसने नया जाल तैयार किया। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके संपर्क लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence से जुड़े लोगों से थे।
विशेष इकाई के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों ने कोलकाता और दिल्ली में कई स्थानों पर पोस्टर लगाकर अपनी गतिविधियों का परीक्षण किया। साथ ही मंदिरों और अन्य संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर उनके वीडियो पाकिस्तान भेजे गए।
पुलिस का कहना है कि शबीर अहमद लोन एक प्रशिक्षित और खतरनाक आतंकी है, जो भारत में आतंकी गतिविधियों को फिर से सक्रिय करने की साजिश रच रहा था। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
















