देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने बड़ा फैसला लेते हुए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ा दिया है। यह नया चार्ज 2 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसका असर नई टिकट बुकिंग पर पड़ेगा, जिससे यात्रियों को ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है।
किराया बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ी वजह ATF यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक महीने में जेट फ्यूल के दाम 130% से ज्यादा बढ़ गए हैं।
ऐसे में IndiGo समेत एयरलाइंस की लागत काफी बढ़ गई है, क्योंकि फ्यूल कुल ऑपरेटिंग खर्च का करीब 40% होता है। यही कारण है कि कंपनियों को टिकट के दाम बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा है।
डोमेस्टिक फ्लाइट्स: अब कितना बढ़ेगा किराया?
इंडिगो ने घरेलू यात्रियों के लिए दूरी के हिसाब से नया फ्यूल चार्ज तय किया है:
- 0-500 किमी: ₹275
- 501-1,000 किमी: ₹400
- 1,001-1,500 किमी: ₹600
- 1,501-2,000 किमी: ₹800
- 2,000 किमी से ज्यादा: ₹950
यानी छोटी दूरी की फ्लाइट्स भी अब सस्ती नहीं रहेंगी और लंबी दूरी पर तो सीधे ₹1000 तक अतिरिक्त देना पड़ेगा।
इंटरनेशनल फ्लाइट्स: बड़ा झटका
विदेश जाने वालों के लिए असर और बड़ा है। फ्यूल चार्ज रूट और दूरी के हिसाब से अलग-अलग होगा:
- भारतीय उपमहाद्वीप: ₹900 से ₹2,500
- GCC और मिडिल ईस्ट: ₹3,000 से ₹5,000
- साउथईस्ट एशिया और चीन: ₹3,500 से ₹5,000
- अफ्रीका: ₹5,000
- ग्रीस और तुर्की: ₹7,500
- UK और यूरोप: ₹10,000 तक
यानी यूरोप या UK जाने वालों के टिकट पर सीधे ₹10,000 तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
- मिडिल क्लास ट्रैवलर्स: जो सस्ते टिकट की तलाश में रहते हैं, उनके बजट पर सीधा असर
- टूरिस्ट और फैमिली ट्रैवल: छुट्टियां प्लान करना महंगा होगा
- बिजनेस ट्रैवलर्स: बार-बार उड़ान भरने वालों का खर्च बढ़ेगा
- स्टूडेंट्स/वर्कर्स (विदेश जाने वाले): इंटरनेशनल टिकट और भारी पड़ेगा
सरकार ने क्या उठाया कदम?
सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए घरेलू ATF कीमतों में पूरी बढ़ोतरी लागू नहीं की। अगर ऐसा होता तो टिकट और ज्यादा महंगे हो सकते थे। लेकिन इंटरनेशनल रूट्स पर एयरलाइंस को पूरा मार्केट रेट देना पड़ रहा है, इसलिए वहां किराया ज्यादा बढ़ा है।
ATF इतना महंगा क्यों हुआ?
इसकी चार बड़ी वजह हैं-
- ग्लोबल ऑयल प्राइस 1 महीने में 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर
- मिडिल ईस्ट में तनाव
- सप्लाई चेन पर असर
- लंबी उड़ानों में ज्यादा फ्यूल खपत
खास बात यह है कि पहली बार ATF की कीमत ₹2 लाख प्रति किलोलीटर के पार चली गई है।
क्या आगे और बढ़ेगा किराया?
IndiGo ने साफ कहा है कि वह हालात पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी बदलाव कर सकती है। यानी अगर तेल के दाम और बढ़े, तो टिकट भी और महंगे हो सकते हैं।
- टिकट बुक करते समय अब ‘फ्यूल चार्ज’ अलग से जुड़कर आएगा
- जितनी लंबी दूरी, उतना ज्यादा चार्ज
- इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर सबसे ज्यादा असर
- अभी यह शुरुआत है, आगे और बढ़ोतरी संभव
यानी अब फ्लाइट से सफर करना पहले जैसा सस्ता नहीं रहेगा। चाहे आप दिल्ली से मुंबई जाएं या लंदन हर जगह जेब ढीली करनी पड़ेगी।
















