जम्मू संभाग के सांबा जिले में तीन संदिग्ध लोगों को देखे जाने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने बड़ा तलाशी अभियान चलाया। करीब छह घंटे तक चले इस ऑपरेशन में कई गांवों को खंगाला गया, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
जानकारी के मुताबिक, सांबा-मानसर सड़क मार्ग के पास दरूई गांव में शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे एक स्थानीय युवक ने तीन संदिग्ध लोगों को देखा। युवक ने तुरंत इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।
युवक के अनुसार, तीनों लोग उसके घर के बाहर खड़े थे, जिनमें से एक के हाथ में टॉर्च थी। हालांकि अंधेरा ज्यादा होने के कारण वह बाकी लोगों के पास हथियार या अन्य सामान देख नहीं पाया।
रविवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस, एसओजी और सेना के जवानों ने दरूई के साथ-साथ शाह ब्लोड, ग्वालचोरा और दबोह समेत आसपास के गांवों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि यह इलाका पहले भी आतंकियों की घुसपैठ के लिए इस्तेमाल होता रहा है। यहां के नाले कश्मीर, डोडा और किश्तवाड़ से जुड़े हुए हैं, जिससे यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है।
गौरतलब है कि साल 1994 में चीला डंगा गांव में स्थानीय लोगों और ग्राम सुरक्षा समूह ने एक विदेशी आतंकी को मार गिराया था। इसके बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। वहीं करीब एक साल पहले भी थुराया सैटेलाइट सेट मिलने की सूचना के बाद सुरक्षाबल अलर्ट हो गए थे।
















