ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह का सीजफायर हो चुका है। अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल जाएगा, इस खबर से पूरी दुनिया ने फिलहाल राहत की सांस ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के इस कदम को ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और बातचीत में शामिल होने की तत्परता से जोड़ा है। वैसे तो सब ठीक है लेकिन अभी तक इस बात का कोई स्पष्ट संकेत नहीं है कि दोनों देशों के बीच यह युद्ध पूरी तरह से समाप्त हो गया है। ईरान ने पहले ही कह दिया है कि शर्तें मंजूर होने तक युद्धविराम का निर्णय लिया गया है, लेकिन युद्ध पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।
खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां अभी भी जारी हैं और युद्ध से जुड़े प्रमुख मुद्दे फिलहाल अनसुलझे हैं, इसलिए स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच अगले दो सप्ताह की बातचीत यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होगी कि क्या यह सीजफायर एक स्थायी समझौते में बदल सकता है या यह चल रहे युद्ध में एक संक्षिप्त विराम बनकर रह जाएगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान की पूरी सभ्यता को नष्ट करने की धमकी दी थी, जिसके बाद कई देशों ने इस युद्ध को रोकने के लिए मध्यस्थों की भूमिका निभाई। ट्रंप की धमकी के अंतिम 90 मिनट में ईरान और अमेरिका को सीजफायर के लिए मनाया गया। सीजफायर के बाद जहां ईरान का कहना है कि उसने दुश्मन पर जीत हासिल कर ली है। तो वहीं ट्रंप ने भी कहा है कि अमेरिका पहले ही अपने सैन्य उद्देश्यों को प्राप्त कर चुका है और युद्ध जीत चुका है। इस तरह से दोनों देशों ने संकेत दिया कि हम व्यापक समझौते के करीब हैं।
ईरान ने युद्ध विराम के लिए अपनी 10 शर्तें रखी हैं और यह स्पष्ट किया है कि सैन्य अभियानों में कोई भी रोक ईरान पर हमलों की समाप्ति पर निर्भर करती है। दोनों देशों ने फिलहाल तो दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई है और इजरायल ने भी इसे लेकर हामी भरी है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में हमले अभी भी जारी हैं। मिसाइल गतिविधियों और इजरायल के निरंतर हमलोे यह दर्शाते हैं कि स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।
















