अक्षय तृतीया का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन को अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है। क्योंकि इस दिन किए गए हर शुभ कार्य का फल अक्षय यानी कभी खत्म न होने वाला होता है। इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और इस दिन को सतयुग तथा त्रेतायुग के आरंभ से भी जोड़ा जाता है।
वहीं महाभारत काल में भी इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है, जब भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को अक्षय पात्र प्रदान किया था, जिसमें कभी अन्न की कमी नहीं हुई। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और पूजा कई गुना फल देता है और जीवन में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सौभाग्य की वृद्धि होती है। वहीं इस दिन देवी मां लक्ष्मी की पूजा करना और सोना या सोने से निर्मित आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। इसके लिए अक्षय तृतीया के दिन सोने की खरदारी की जाती है। आइए जानते हैं कब है अक्षय तृतीया और खरीदारी का शुभ मुहूर्त…
अक्षय तृतीया तिथि 2026 (Akshaya Tritiya Kab hai)
फ्यूचर पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 48 मिनट पर होगा। वहीं, तृतीया तिथि का अंत 20 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी।
सोना खरीदने का समय (Akshaya Tritiya 2026 Gold Purchase Time)
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने के लिए शुभ समय 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 20 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 51 मिनट तक है। इस दौरान सोने की खरीदारी कर सकते हैं।
अक्षय तृतीया धार्मिक महत्व
अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व माना जाता है, जिसे वैदिक परंपरा में अक्षय अर्थात कभी न समाप्त होने वाले पुण्य का प्रतीक कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, तप और शुभ कार्यों का फल अक्षय रहता है, यानी उसका क्षय नहीं होता। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी तिथि पर भगवान विष्णु के अवतार परशुराम का जन्म हुआ था, इसलिए इसे परशुराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। अक्षय तृतीया को मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। साथ ही इस दिन बिना किसी मुहूर्त के भी विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार या निवेश जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं, क्योंकि यह स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है
















