मई 2026 की शुरुआत सिर्फ एक नए महीने के रूप में नहीं, बल्कि आम लोगों की फाइनेंशियल लाइफ में बड़े बदलावों के साथ हो रही है। बैंकिंग, निवेश, टैक्स और डिजिटल लेनदेन से जुड़े नए नियम सीधे आपकी बचत, खर्च और निवेश रणनीति को प्रभावित करेंगे। जहां एक तरफ सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और सख्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गलत वित्तीय आदतों की कीमत भी बढ़ने वाली है।
SBI क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव
- State Bank of India ने क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए लेट पेमेंट चार्ज और फीस माफी की शर्तों में बदलाव किया है।
- 100-500 रुपये बकाया पर अब 100 रुपये लेट फीस
- 500-1000 रुपये बकाया पर 400 से बढ़कर 500 रुपये चार्ज
- 1000 रुपये से ऊपर पुराने नियम लागू रहेंगे
- BPCL SBI कार्ड में ₹50,000 की जगह अब ₹1 लाख खर्च पर ही ₹499 वार्षिक फीस माफ होगी
SEBI के नए म्यूचुअल फंड नियम
Securities and Exchange Board of India ने करीब 30 साल बाद बड़े बदलाव किए हैं:
- अब Total Expense Ratio की जगह Base Expense Ratio (BER) दिखेगा
- ब्रोकरेज, GST, STT अलग-अलग दिखाई देंगे
- इक्विटी फंड का खर्च लगभग 2.10% और डेट फंड का 1.85% तक सीमित
- “चिल्ड्रन” और “रिटायरमेंट” फंड बंद, नए “लाइफ साइकिल फंड” की शुरुआत
- उम्र के साथ ऑटोमैटिक पोर्टफोलियो शिफ्ट (इक्विटी-डेट)
STT और ट्रेडिंग पर असर
- फ्यूचर्स पर STT 0.02% – 0.05%
- ऑप्शंस पर STT 0.10% – 0.15%
PAN कार्ड नियम सख्त
अब कई बड़े लेनदेन पर पैन अनिवार्य होगा:
₹10 लाख से ज्यादा बैंक कैश ट्रांजैक्शन
₹1 लाख से ज्यादा होटल/रेस्टोरेंट खर्च
₹5 लाख से ऊपर वाहन खरीद
₹20 लाख से अधिक प्रॉपर्टी खरीद
डिजिटल बैंकिंग और ATM नियम
2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य (OTP + PIN/बायोमेट्रिक)
UPI से ATM कैश निकासी अब फ्री लिमिट में शामिल
लिमिट पार करने पर ₹17–₹21 प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज
SGB टैक्स नियम में बदलाव
Sovereign Gold Bond पर अब टैक्स छूट केवल सरकार से खरीदे गए बॉन्ड पर
सेकेंडरी मार्केट से खरीदने पर कैपिटल गेन टैक्स लागू
सैलरी और लेबर कोड का असर
नए लेबर कोड के चलते:
बेसिक सैलरी बढ़ने की संभावना
PF योगदान बढ़ेगा
टेक-होम सैलरी थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन CTC समान रहेगा
LPG और रोजमर्रा के खर्च
LPG सिलेंडर की कीमतों में हर महीने बदलाव संभव
सीधे घरेलू बजट पर असर पड़ेगा















