नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल (modi cabinet) की बैठक हुई जिसमें कई जरूरी फैसले लिए गए, जिनका असर देश की अर्थव्यवस्था, किसानों और उद्योगों पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।
हाल ही में आए चुनावी नतीजों के बाद लिए गए इन फैसलों को सरकार की तेज निर्णय क्षमता के रूप में देखा जा रहा है। कैबिनेट ने हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कपास उत्पादकता मिशन से खेती को मजबूती
सरकार ने कपास क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 5659.22 करोड़ रुपये के ‘कपास उत्पादकता मिशन’ (Mission for Cotton Productivity) को मंजूरी दी है। यह मिशन 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगा और इसका उद्देश्य भारत को कपास उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।
इस योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले बीज, नई तकनीकों और किसानों को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का ‘5F विजन’ यानी फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन तक की सोच को भी इससे मजबूती मिलेगी।
गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला
इसके साथ ही कैबिनेट ने गन्ना किसानों के हित में 2026-27 सीजन के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) तय किया है। इस फैसले से देश के करीब 5 करोड़ किसानों और लाखों मजदूरों को फायदा मिलेगा।
सरकार ने रिकवरी दर के आधार पर प्रीमियम और कटौती का भी प्रावधान रखा है, जिससे किसानों को उनकी उपज के अनुसार उचित मूल्य मिल सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि कम रिकवरी वाली मिलों के किसानों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम भुगतान न मिले।
MSME और एविएशन सेक्टर को राहत
बता दें, सरकार ने MSME और एविएशन सेक्टर को राहत देने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0 को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 18,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्तीय संकट से उबरने में मदद मिलेगी।
यह योजना खासतौर पर वैश्विक परिस्थितियों और बाजार में अनिश्चितता के बीच उद्योगों को स्थिरता देने के लिए लाई गई है, जिससे रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सेमीकंडक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
दरअसल, कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी बड़े निवेश को मंजूरी दी है, जिसमें गुजरात में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। जिसके साथ ही वाडिनार में शिप रिपेयर सुविधा विकसित करने के लिए भी बड़ी प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई है।
इन फैसलों से न केवल टेक्निकल क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा बल्कि देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
















