छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं और मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने लगी है।
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगर आप आने वाले दिनों में कहीं घूमने की योजना बना रहे हैं तो आपको बदलते मौसम का खयाल जरूर रखना पड़ेगा।
19 जून को कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में शुक्रवार 19 जून को प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावना है, इसके साथ ही कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग रायपुर केंद्र की मानें तो मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार से प्रदेश भर के कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट हो सकती है।
अगले पांच दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। 21 और 22 जून को कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। अगले चार से पांच दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में ऐसा रहा मौसम
पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए बदलाव से तापमान में गिरावट देखने को मिली और उमस भरी गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली।
दुर्ग रहा सबसे गर्म शहर
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रायपुर के लालपुर केंद्र में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दुर्ग में 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
रायपुर में बारिश से मिली राहत
राजधानी रायपुर में गुरुवार शाम तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। बारिश के बाद लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बीच मौसम में आए बदलाव से लोगों ने राहत महसूस की।
धमतरी में आकाशीय बिजली का कहर
धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम डूमरपाली में बुधवार देर रात तेज गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 40 पशुओं की मौत हो गई। मृत पशुओं में 39 भेड़ें और एक बकरा शामिल हैं। इस घटना से पशुपालक को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
पशुपालक को लाखों का नुकसान
प्रारंभिक आकलन के अनुसार मृत पशुओं की कीमत करीब 4 से 5 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद प्रशासन की ओर से पंचनामा कार्रवाई की जा रही है। पशुपालकों को प्राकृतिक आपदा राहत मद के तहत मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने जारी की सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि गरज-चमक के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा सुरक्षित भवनों में शरण लें।
किसानों को खेतों में रखे कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता और बढ़ेगी, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है और भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है
















