केंद्र सरकार ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG ग्राहकों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार ने नॉन-डॉमेस्टिक पैक्ड LPG की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियां को हटा दिया है। LPG सप्लाई को पश्चिम एशिया संकट से पहले के लेवल पर बहाल कर दिया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने संकट की शुरुआत के समय रोकी गई बल्क LPG की सप्लाई में भी ढील कर दी है। इसे संकट से पहले की खपत के लेवल का 50 प्रतिशत फिर से कर दिया गया है, जिससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कस्टमर्स को काफी राहत मिलेगी।
LPG सप्लाई की स्थिति में सुधार के बाद सरकार ने लिया फैसला
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, यह बहाली LPG सप्लाई की स्थिति में हालिया सुधार के बाद की गई है। पश्चिम एशिया संकट के दौरान, डॉमेस्टिक LPG प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act के तहत ऑर्डर जारी किए थे। इनमें कहा गया था कि C3-C4 स्ट्रीम का प्रयोग केवल LPG उत्पादन के लिए होगा और उन्हें पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम प्रयोग से हटाकर LPG के प्रोडक्शन में लगाया जाए।
घरेलू LPG प्रोडक्शन को लेकर बेहतर हुई स्थिति
बता दें कि घरेलू LPG प्रोडक्शन में सुधार और इम्पोर्टेड LPG कार्गो की अनुमानित उपलब्धता के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने LPG पूल के लिए C3/C4 स्ट्रीम के इस्तेमाल में बदलाव को कम करने का भी निर्णय लिया है। नॉन-LPG प्रयोग के लिए C3-C4 स्ट्रीम का बढ़ा हुआ अलॉटमेंट इस प्रकार लागू किया जाएगा कि डॉमेस्टिक LPG की उपलब्धता पर कोई प्रभाव न पड़े और कुल घरेलू LPG उत्पादन हर दिन 40 TMT से कम न हो।
इंडस्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को होगा फायदा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का मानना है कि पिछले कुछ सप्ताह में इंटरनेशनल मार्केट में LPG की उपलब्धता को लेकर हालात सुधरे हैं और इम्पोर्ट कार्गो की सप्लाई भी अपेक्षा के मुताबिक बनी हुई है। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने चरणबद्ध तरीके से उन पाबंदियों को हटाने का निर्णय किया है, जो सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी तौर पर लगाए गए थे। इससे इंडस्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, होटल-रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ईंधन बेहतर तरीके से मिल पाएगा।
















