गौरतलब है कि कंपनी ने जोर देकर कहा है कि लोगों को AI से रिप्लेस नहीं किया जा रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का दावा है कि ऐसा AI पर हो रहे जरूरत से ज्यादा खर्च की वजह से हुआ है। इससे पहले कंपनी ने पहले एक वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्कीम भी निकाली थी, जिससे करीब 3,000 कर्मचारियों ने खुद नौकरी छोड़ दी थी
एक्सबॉक्स गेमिंग यूनिट पर क्यों पड़ी बड़ी मार?
इस छंटनी में सबसे ज्यादा लोग एक्सबॉक्स गेमिंग डिपार्टमेंट से निकाले गए हैं। इस विभाग से करीब 1600 लोग निकाले गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इस छंटनी के बाद इस विभाग से करीब 20% स्टाफ कम हो गया है। एक्सबॉक्स की नई सीईओ आशा शर्मा ने बताया कि गेमिंग बिजनेस की हालत अभी ठीक नहीं है।
AI की दोहरी मार
एक्सपर्ट्स की मानें, तो टेक इंडस्ट्री में इस समय सबसे ज्यादा बड़ी रेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की है। माइक्रोसॉफ्ट लंबे समय से AI पर भारी-भरकम खर्चा कर रहा है लेकिन निवेशकों को चिंता है कि क्या कंपनी इतने निवेश का फायदा ले पाएगी या नहीं।
इसे AI की दोहरी मार की तरह देखा जा रहा है। जहां एक तरह कई कंपनियों में AI की वजह से सीधे तौर पर लोगों की नौकरियां जा रही हैं, वहीं कंपनियों का AI में निवेश भी लोगों की नौकरियां जाने की वजह बन गया है। ऐसे में भले कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर कहे कि नौकरियां AI से लोगों को रिप्लेस करने की वजह से नहीं गई हैं लेकिन इसमें भी AI की अप्रत्यक्ष दखलअंदाजी जरूर है।
















