वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल और अमेरिका से आए राहत भरे महंगाई आंकड़ों के चलते भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को मजबूत तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 550 अंक से अधिक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 50 ने 24,200 का स्तर पार कर लिया।
सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 545 अंकों की बढ़त के साथ 77,600 के ऊपर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी 150 अंकों से अधिक मजबूत होकर 24,200 के पार पहुंच गया। कारोबार के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों ने दिन का उच्च स्तर भी छुआ।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े रहे। जून महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में अपेक्षा से अधिक गिरावट दर्ज की गई। ऊर्जा कीमतों में नरमी के चलते महंगाई का दबाव कम हुआ, जिससे निवेशकों को राहत मिली।
विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई में कमी आने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम हो सकता है। इसी उम्मीद ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया और एशियाई बाजारों में भी खरीदारी बढ़ी।
सेंसेक्स-निफ्टी के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी चमके
केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी विभिन्न सेक्टरों में बनी हुई है।
इंडिया VIX में गिरावट से मिला सपोर्ट
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX भी नीचे आया। इसमें करीब 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। VIX में कमी आमतौर पर बाजार में स्थिरता और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत मानी जाती है।
बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने संभाला मोर्चा
आईटी सेक्टर में कमजोरी के बावजूद बैंकिंग शेयरों ने बाजार को मजबूत सहारा दिया। निजी और सरकारी बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा ऑटो सेक्टर भी बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जिससे बाजार की तेजी को और मजबूती मिली।
ट्रंप के बयान से भी बढ़ा सकारात्मक माहौल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हॉर्मुज मार्ग पर प्रस्तावित 20 फीसदी टोल शुल्क को लेकर रुख बदलने की खबर ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। बाजार को उम्मीद है कि इससे वैश्विक व्यापार और निवेश पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
निवेशकों की नजर आगे क्या रहेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति, वैश्विक महंगाई के आंकड़ों और कॉर्पोरेट नतीजों पर रहेगी। यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख आगे भी जारी रह सकता है।
















