गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक खतरनाक घरेलू स्लीपर सेल का भंडाफोड़ किया है. राज्य के अलग-अलग जिलों से अब तक 13 आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आरोपी पिछले दो वर्षों से गन पाउडर और अन्य सामान की मदद से विस्फोट का ट्रायल कर रहे थे. इस सिलसिले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं.
पाकिस्तान के बहावलपुर में स्थित जैश मुख्यालय से संचालित इन लड़कों (20 से 24 वर्ष की उम्र के लड़कों) को गंभीर रूप से ब्रेनवॉश किया. IED बनाने की ट्रेनिंग और पूरे आतंकी नेटवर्क के चौंकाने वाले सबूत ATS को मिले हैं.
गुजरात ATS ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से प्रभावित एक बड़े मॉड्यूल का खुलासा किया है जो पिछले दो वर्षों से गन पाउडर और अन्य विस्फोटक सामग्री जुटाकर धमाके की रिहर्सल कर रहे थे. कुछ लोग आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा से प्रभावित होकर दारूल उलूम गुजरात के नाम पर लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे.
इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश के हेडक्वार्टर है और यही से Gen-Z और मदरसा छात्रों को ऑनलाइन ब्रेनवॉश किया जा रहा था. आज का आतंकवाद सीमा पार से नहीं, बल्कि स्मार्टफोन के जरिए घुसपैठ कर रहा है. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि पाकिस्तानी आका इंटरनेट के जरिए स्थानीय युवाओं के संपर्क में थे.
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अमीन शेरा इस मॉड्यूल का मुख्य ‘रेडिकलाइजर’ (कट्टरपंथी बनाने वाला) था. वह अन्य सदस्यों को मसूद अजहर के भड़काऊ भाषण, वीडियो और जिहादी साहित्य भेजा करता था. आरोपियों के पास से 43 ई-बुक्स और एक खतरनाक किताब ‘अकेला मुजाहिद जेहाद कैसे करे’ बरामद हुई है.
भारतीय एजेंसियों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में बहावलपुर स्थित जैश के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था. इसके बाद जैश ने अपनी रणनीति बदलते हुए गुजरात को चुना. एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, जैश अगले कुछ सालों में भारत के भीतर लोन वुल्फ (अकेले हमला करने वाले) आतंकियों की एक पूरी फौज खड़ी करना चाहता है.
















