जम्मू-कश्मीर में मौसम के बदलते मिजाज और भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्री अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा दोनों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी की गई प्रतिकूल मौसम की चेतावनी के बाद यह एहतियातन फैसला लिया गया है।
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, बालटाल तथा नुनवान/चंदनवाड़ी आधार शिविरों (Base Camps) से किसी भी श्रद्धालु को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम के साफ होने और रास्तों की सुरक्षा का व्यापक जायजा लेने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
2022 के हादसे के बाद सतर्कता बढ़ी
इस वर्ष अब तक 3.7 लाख से ज्यादा भक्त पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर आशीर्वाद ले चुके हैं। हालांकि, रविवार से घाटी के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी है, जिसके चलते भूस्खलन (Landslide) का खतरा काफी बढ़ गया है, विशेषकर बालटाल मार्ग पर
साल 2022 में अमरनाथ की पवित्र गुफा के पास अचानक बादल फटने से हुए बड़े हादसे (जिसमें एक दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई थी) से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी एक दिन पहले नुनवन बेस कैंप का दौरा कर सभी आपातकालीन विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए थे।
खराब मौसम के चलते माता वैष्णो देवी यात्रा भी थमी
इसी बीच, कटरा से चलने वाली प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी मौसम की मार पड़ी है। आईएमडी (IMD) की चेतावनी को देखते हुए श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने यात्रा को कुछ समय के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है
अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्ग बंद
कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग के अनुसार, आगामी दिनों में खराब मौसम की गंभीर आशंका के चलते यह निर्णय लिया गया है। बालटाल और पहलगाम दोनों ही पारंपरिक मार्गों से होने वाली अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह रोक दिया गया है।
















