लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनि मत से पास हो गया। वहीं राज्यसभा में वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाला विधेयक पासहो गया।अखबार
इससे पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट स्पीच दी। उन्होंने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए। इसको लेकर सत्तापक्ष ने जमकर हंगामा किया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 7 बार खड़े होकर राहुल को टोका और संसदीय नियम का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। इस पर राहुल ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं।’
शिक्षा मंत्री को टारगेट करने पर कांग्रेस का फोकस
गौरतलब है कि कांग्रेस का पूरा फोकस अब अब शिक्षा मंत्री को टारगेट करने पर हो गया है। आज राहुल गांधी को भी चर्चा में हिस्सा लेना है। हालांकि, बीते मंगलवार को प्रियंका गांधी ने जो टिप्पणी प्रह्लाद जोशी पर की थी उसे रिकॉर्ड से हटा दिया गया है लेकिन प्रियंका ने कहा है कि वो अपने बयान को ऑथेंटिकेट करेंगी इसीलिए आज सदन का माहौल गर्म रह सकता है।
विपक्ष ने की पेपर लीक पर सरकार को घेरने की कोशिश
एंटी पेपर लीक बिल पर कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी ने मोर्चा संभाला तो अन्य विपक्षी पार्टी के नेताओं ने भी छात्रों के प्रोटेस्ट पर पुलिस एक्शन और पेपर लीक को लेकर सरकार को घेरा। AIMIM चीफ ओवैसी ने छात्रों के प्रोटेस्ट को बांग्लादेश और नेपाल में हुए प्रोटेस्ट से जोड़ा तो एसपी चीफ अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुए स्वागत पर तंज कसा। लोकसभा से जुड़ा हर अपडेट यहां पढ़ें।
















