छत्तीसगढ़ के कथित 3400 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद अब उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। कोर्ट में पेशी के दौरान ईडी मामले से जुड़े तथ्यों और लेन-देन की जांच के लिए रिमांड की मांग कर सकती है।
रामगोपाल अग्रवाल का नाम लंबे समय से छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले की जांच से जुड़ा रहा है। जांच एजेंसियां कथित शराब घोटाले में वित्तीय लेन-देन, नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। ED अब अग्रवाल से भी इन्हीं पहलुओं को लेकर पूछताछ कर सकती है। गिरफ्तारी से पहले रामगोपाल अग्रवाल ने पिछले महीने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो के कार्यालय में सरेंडर किया था। इसके बाद मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच आगे बढ़ी। अब ईडी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
2023 में भी ED ने की थी कार्रवाई
रामगोपाल अग्रवाल पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई के घेरे में आ चुके हैं। वर्ष 2023 में ED ने उनसे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस समय भी कथित शराब घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति में काफी हलचल देखने को मिली थी। छापेमारी के बाद से ही अग्रवाल का नाम इस मामले की जांच से जुड़ा रहा। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद शराब घोटाला प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है।
















