छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर बढ़कर 92.48 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बांध पर बढ़ते दबाव और जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने जलाशय के तीन गेट खोल दिए हैं, जिनके माध्यम से 3005 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के बाद डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने की अपील की है।
35 गांवों में मुनादी
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रभावित होने वाले इलाकों में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी कर दिया है। नदी किनारे बसे 35 गांवों में मुनादी कर लोगों को संभावित जलभराव की जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों से मवेशियों, कृषि उपकरणों और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की अपील की गई है, ताकि किसी प्रकार की जन-धन हानि से बचा जा सके। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर में होने वाले बदलाव की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से नदी और नालों के पास अनावश्यक रूप से न जाने तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
खदान संचालकों और उद्योगों को भी जारी की सूचना
मिनीमाता बांगो परियोजना के कार्यपालन अभियंता की ओर से सर्वसाधारण के अलावा खनिज खदान ठेकेदारों, औद्योगिक इकाइयों और विभिन्न संस्थानों को भी सूचना जारी की गई है। पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति में सुरक्षा मानकों का पालन करने और नदी तटों के आसपास कार्यों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन औद्योगिक इकाइयों और खदान संचालकों को सतर्क रहने को कहा गया है, जिनकी गतिविधियां नदी के आसपास संचालित होती हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
स्वतंत्रता दिवस पर रोशनी से जगमगाया बांगो डैम
एक ओर जहां बारिश और जलभराव के चलते प्रशासन सतर्कता बरत रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिनीमाता बांगो डैम को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटों से सजा जलाशय लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। डैम का यह नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, हालांकि प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने की अपील की है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है, तो अतिरिक्त गेट खोलने का निर्णय लिया जा सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क करें।
















