MP Farmer Digital ID: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए जरूरी खबर है। अगर आप सरकारी योजना का लाभ चाहते हैं तो आपको इसके लिए डिजिटल फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही 8 योजनाओं से आप वंचित रह जाएंगे। आपको बता दें इसे बनवाने के लिए आपके पास किवल 25 दिन का समय है।
बिना आईडी नहीं बेच पाएंगे फसल
जानकारी के अनुसार मप्र में किसानों को सरकारी को योजनाओं का लाभ दिलाने और रबी सीजन में खाद की किल्लत रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने 20 अगस्त से एक विशेष अभियान शुरू किया है। जो 15 सितंबर तक चलेगा। इसमें अभियान में सरकार के विभिन्न विभागों को शामिल किया जाएगा। जिसमें कृषि, राजस्व, सहकारिता तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अमला गांव-घर जाकर किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी बनाएगा। इसके बाद उन्हें प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का सदस्य बनाकर किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया जाएगा।
शून्य प्रतिशत पर खाद के लिए करेंगे प्रेरित
आपको बता दें इस अभियान के माध्यम से किसानों को रबी सीजन 2026-27 के शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिससे ये किसानों को अक्टूबर-नवंबर में सोसायटियों पर लाइन में न लगना पड़े। आपको बता दें इस फार्मर आईडी के बिना किसान 8 योजनाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे।
इतना ही नहीं इस आई डी के बिना किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, सरसों, धान और मूंग बेच भी नहीं सकेंगे। इससे उन्हें खाद और अनुदान पर बीज बेचने में भी परेशानी आ सकती है। साथ ही कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिलेगा।
राजस्व विभाग बनाएगा आईडी
इस अभियान में राजस्व विभाग ग्राम पंचायतों में जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनकी सूची का लिस्ट बनाएगा। कैंप लगाकर छूटे किसानों की आईडी बनाने की जिम्मेदारी इस विभाग की होगी। इसी के साथ ये सभी सर्वे खसरों को आईडी से लिंक करेंगे।
सहकारिता विभाग
ये विभाग किसानों को पैक्स का सदस्य बनाएंगे। इसके बाद केसीसी जारी कराएंगे। तभी किसान 0% ब्याज पर रबी खाद का अग्रिम उठाव कर पाएंगे। साथ ही ये विभाग निःशुल्क ई-टोकन जनरेट करने में भी मदद करेंगे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
ये विभाग ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन कराएगा। इसके लिए किसानों व जनप्रतिनिधियों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी इसी विभाग की होगी। आपको बता दें इसके लिए पंचायत सचिव व ग्राम रोजगार सहायकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
कृषि विकास विभाग
MP Farmer Digital IDये विभाग अमले को ट्रेनिंग देगा। इसका काम पंचायतों में ई-विकास पोर्टल और टोकन प्रक्रिया का लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन कराना होगा। किसानों को मिट्टी परीक्षण व संतुलित खाद उपयोग की सलाह भी दी जाएगी।














