EPFO Rules नौकरी जाने या फिर अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर PF का पैसा कर्मचारियों के लिए बड़ी मदद बन सकता है। EPFO ने PF निकासी के नियमों को आसान बनाने के लिए नया फ्रेमवर्क पेश किया है, जिसके तहत कुछ परिस्थितियों में कर्मचारी अपने PF बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाल सकते हैं।
अगर आपकी नौकरी चली गई है या आपने नौकरी छोड़ दी है, तो पहले PF निकालने को लेकर कई तरह की शर्तें और कैटेगरी लागू होती थीं। अब निकासी की प्रक्रिया को पहले के मुकाबले सरल बनाने की कोशिश की गई है।
किन जरूरतों के लिए PF निकाल सकते हैं?
PF से आंशिक निकासी की सुविधा कई जरूरी खर्चों के लिए उपलब्ध है। इसमें गंभीर बीमारी का इलाज, बच्चों की उच्च शिक्षा, परिवार में शादी, घर खरीदना या बनाना, घर की मरम्मत और होम लोन चुकाने जैसी जरूरतें शामिल हैं।
नए फ्रेमवर्क में PF निकासी को मुख्य रूप से तीन कैटेगरी में रखा गया है।
1. इमरजेंसी: गंभीर बीमारी के इलाज, बच्चों की हायर एजुकेशन और शादी जैसे जरूरी खर्चों के लिए निकासी।
2. घर से जुड़ी जरूरतें: घर खरीदने, मकान बनाने, मरम्मत या होम लोन चुकाने के लिए PF से पैसा निकाला जा सकता है।
3. विशेष परिस्थितियां: इस कैटेगरी में सदस्य बिना किसी खास कारण को बताए भी अपने PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकते हैं, लागू शर्तों के अनुसार।
सर्विस की न्यूनतम अवधि में भी बदलाव
पहले अलग-अलग तरह की PF निकासी के लिए 3 से 7 साल तक की सदस्यता या सर्विस की शर्त हो सकती थी। नए फ्रेमवर्क में ज्यादातर एडवांस निकासी के लिए न्यूनतम सदस्यता अवधि को घटाकर 12 महीने यानी एक साल करने का प्रस्ताव/प्रावधान बताया गया है।
अब कितना पैसा मिलेगा?
EPFO Rulesनए नियमों में निकासी की रकम तय करते समय सिर्फ कर्मचारी के योगदान को ही नहीं, बल्कि कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान के साथ उस पर मिले ब्याज को भी शामिल किया जाएगा। इससे पात्र सदस्य को पहले की तुलना में अधिक रकम निकालने का मौका मिल सकता है। हालांकि, PF निकासी से पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी स्थिति संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों को पूरा करती है या नहीं।
















