Chakradhar Samaroh 2026: रायगढ़, 17 सितम्बर 2026/ चक्रधर समारोह के चौथे दिन प्रतिष्ठित ओडिसी नृत्यांगना एवं बहुआयामी कलाकार जान्हबी बेहरा ने अपनी मनोहारी ओड़िसी नृत्य की प्रस्तुति से समारोह के मंच पर भाव, लय और सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। उनके भाव-अभिनय, सुरुचिपूर्ण मुद्राओं और नृत्य की शास्त्रीय गरिमा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जान्हबी बेहरा ने ‘अधुरम-मधुरम’ सहित विभिन्न शास्त्रीय गीतों पर भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा और ओडिसी की भावप्रधान शैली की मनोहारी झलक देखने को मिली। नृत्य की बारीकियों, भावों की अभिव्यक्ति और लय-ताल पर उनकी सधी हुई पकड़ ने प्रस्तुति को विशेष प्रभाव प्रदान किया।
ज्ञातव्य है कि जान्हबी बेहरा ने बेहद कम उम्र में गुरु श्री रमेश चंद्र जेना एवं गुरु श्री युधिष्ठिर नायक के मार्गदर्शन में ओडिसी नृत्य की साधना प्रारंभ की। इसके बाद उन्होंने ‘उड़ीसा डांस एकेडमी’ में पद्मश्री गुरु श्रीमती अरुणा मोहंती एवं पद्मश्री गुरु श्री गंगाधर प्रधान के सान्निध्य में गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी कला को और अधिक निखारा। निरंतर साधना और समर्पण के बल पर उन्होंने एकल कलाकार के रूप में ओडिसी नृत्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
जान्हबी बेहरा को संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। वे दूरदर्शन केंद्र, भुवनेश्वर की मान्यता प्राप्त कलाकार होने के साथ ही भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, नई दिल्ली की पैनलबद्ध कलाकार हैं। इसके अलावा वे भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत स्पिक मैके से भी संबद्ध हैं। देश के विभिन्न प्रतिष्ठित सांस्कृतिक महोत्सवों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुकीं जान्हबी बेहरा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की छटा बिखेरी है। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, जापान, यूनाइटेड किंगडम, चीन, कंबोडिया, वियतनाम, मलेशिया और सिंगापुर सहित अनेक देशों में ओडिसी नृत्य की प्रस्तुतियां दी हैं। चक्रधर समारोह के मंच पर उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को ओडिसी नृत्य की भाव-संपन्न और सौंदर्यपूर्ण परंपरा से रूबरू कराया।
















