Raigarh News: *रायगढ़, 23 सितंबर* । रायगढ़ पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आने वाली संवेदनशील सूचनाओं पर बारीकी से नजर रखते हुए त्वरित कार्रवाई कर एक सुसाइड अटेम्प्ट केस में संवेदनशीलता का परिचय दिया गया है।

जानकारी अनुसार कल खरसिया क्षेत्र में सोशल मीडिया पर एक युवक द्वारा अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कहते हुए वीडियो जारी किए जाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना की संवेदनशीलता को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने तत्काल साइबर थाना से तकनीकी सहायता लेकर युवक की तलाश शुरू कराई। शीघ्र युवक के रेलवे पटरी की ओर होने की सूचना मिली।
तत्काल चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने युवक की संभावित लोकेशन एवं आवागमन के रास्तों पर नजर रखते हुए उसकी तलाश की जा रही थी।
इसी दौरान पुलिस टीम को युवक रेलवे पटरी के आसपास दिखाई दिया। पुलिस को अपनी ओर आते देखकर युवक वहां से निकलने का प्रयास करते हुए टाउन हॉल की ओर से रायगढ़ चौक की तरफ जाने लगा। पुलिस टीम ने तत्काल उसका पीछा कर उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
पुलिस टीम ने युवक से बातचीत कर उसकी स्थिति को समझा और आवश्यक समझाइश दी। समय रहते पुलिस के पहुंचने और तत्काल हस्तक्षेप से युवक को सुरक्षित बचा लिया गया। आवश्यक समझाइश एवं कार्रवाई के पश्चात युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रवीण कुमार बांधव, आरक्षक साविल चंद्रा एवं साइबर थाना के आरक्षक रविंद्र गुप्ता की सतर्कता, त्वरित रिस्पॉन्स और मानवीय संवेदनशीलता सामने आई।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक संवेदनशील वीडियो को महज एक पोस्ट मानकर नजरअंदाज करने के बजाय पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक तक पहुंच बनाई।
रायगढ़ पुलिस की तत्परता से समय रहते एक संभावित अनहोनी को टाला जा सका। यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले ऐसे संवेदनशील संकेतों को भी पुलिस गंभीरता से ले रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल हस्तक्षेप कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

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*रायगढ़ पुलिस की अपील*
जीवन में परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, भावनात्मक या तनावपूर्ण स्थिति में स्वयं को नुकसान पहुंचाने जैसा कदम न उठाएं। मुश्किल समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। ऐसी स्थिति में अकेले रहने के बजाय परिवार, मित्र अथवा किसी भरोसेमंद व्यक्ति से अपनी बात साझा करें। जरूरत महसूस होने पर पुलिस, स्थानीय प्रशासन या संबंधित हेल्पलाइन से तत्काल सहायता लें।
















