Raigarh News : *रायगढ़, 7 नवंबर* । दिनांक 25.10.2026 की रात्रि ग्राम भिखारीमाल में मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 43 वर्षीय कन्हैया महार की उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में चक्रधरनगर पुलिस ने पूर्व में दर्ज मारपीट के अपराध में हत्या की धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता विस्तारित करते हुए विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा भी जब्त कर बालक को किशोर न्याय बोर्ड रायगढ़ के समक्ष पेश किया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 30.10.2026 को प्रार्थी त्रिलोचन महार पिता स्वर्गीय चांद, उम्र 70 वर्ष, निवासी ग्राम भिखारीमाल ने थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 25.10.2026 की रात्रि उनका पुत्र कन्हैया महार (43 वर्ष) अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ ससुराल संबलपुर, ओडिशा से ट्रेन द्वारा घर लौटा था। घर के बाहर ऑटो चालक को किराया देने के लिए कन्हैया बाहर निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आया। परिजनों को लगा कि वह बस्ती की ओर घूमने गया होगा। रात्रि करीब 1:30 बजे गांव के तीन युवक कन्हैया को अचेत अवस्था में घर लेकर पहुंचे। सुबह परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ ले गए।
अगले दिन कन्हैया को घर छोड़ने आए युवकों से पूछताछ करने पर पता चला कि देर रात कन्हैया का गांव के ही एक विधि से संघर्षरत बालक के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान बालक ने बांस के डंडे से कन्हैया के सिर पर वार कर दिया था। बीच-बचाव करने पहुंचे युवकों के साथ भी मारपीट की गई थी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में मारपीट की सुसंगत धारा 296, 31(3), 115(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
घटना में गंभीर रूप से घायल कन्हैया महार को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ से रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान दिनांक 03.10.2026 की रात्रि उसकी मृत्यु हो गई। घटना के संबंध में थाना गोलबाजार, जिला रायपुर में मर्ग क्रमांक 00/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम किया गया था। मर्ग डायरी थाना चक्रधरनगर प्राप्त होने पर पुलिस ने असल मर्ग कायम कर पूर्व में दर्ज अपराध में हत्या की धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता विस्तारित की।

प्रकरण में चक्रधरनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विधि से संघर्षरत बालक की पतासाजी कर उसे अभिरक्षा में लिया। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा जब्त किया गया। विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड रायगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
प्रकरण की विवेचना एवं कार्रवाई में थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा एवं प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
















