प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मणिपुर की संभावित यात्रा से कुछ दिन पहले राज्य के उखरुल जिले के फुंग्यार निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कम से कम 43 सदस्यों ने पार्टी की सदस्यता से बृहस्पतिवार को इस्तीफा दे दिया। पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी।.
भाजपा सदस्यों ने एक बयान में कहा कि वे ‘‘पार्टी के भीतर वर्तमान स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं’’ और ‘‘परामर्श, समावेशिता और जमीनी स्तर के नेतृत्व के प्रति सम्मान की कमी’’ को इस कदम के पीछे प्रमुख कारण बताया। इसमें कहा गया, ‘‘पार्टी और उसकी विचारधारा के प्रति हमारी निष्ठा सदैव अटूट रही है। हम अपने समुदाय और मणिपुर के लोगों के कल्याण के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हैं।’’
प्रधानमंत्री के शनिवार को मणिपुर पहुंचने की संभावना है, जो मई 2023 में इंफाल घाटी स्थित मेइती और आसपास के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी-जो लोगों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद पूर्वोत्तर राज्य की उनकी पहली यात्रा होगी। इस हिंसा में 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है तथा हजारों लोग बेघर हुए हैं। फरवरी में एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।
भाजपा के “कितने” सदस्यों ने इस्तीफा दिया है?
उत्तर: मणिपुर में भाजपा के कम से कम 43 सदस्यों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दिया है।
इस्तीफा देने वाले “सदस्य” किस जिले के हैं?
उत्तर: इस्तीफा देने वाले सदस्य मणिपुर के उखरुल जिले के फुंग्यार निर्वाचन क्षेत्र से हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की “मणिपुर” यात्रा का क्या महत्व है?
उत्तर: मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पूर्वोत्तर राज्य की पहली यात्रा होगी।
हिंसा “किन” समुदायों के बीच हुई थी?
हिंसा इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी-जो समुदायों के बीच हुई थी।
















