छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने कोरबा जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के सर्वेक्षण की समीक्षा की। आयोग के अध्यक्ष आरएस विश्वकर्मा ने कहा, ओबीसी वर्ग के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
विश्वकर्मा ने कहा कि आयोग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ओबीसी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण व्यवस्था पर काम कर रहा है। साथ ही आर्थिक-सामाजिक सुधार कार्यों का जायजा ले रहा है। साथ ही सरकारी योजनाओं से वंचित जातियों की पहचान भी की जा रही है।
अलग मंत्रालय और विभाग बनाने की सिफारिश
आयोग ने ओबीसी वर्ग के लिए अलग मंत्रालय और विभाग बनाने की सरकार से सिफारिश की है। इसके अलावा सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। स्कूली छात्रों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आरएस विश्वकर्मा मीडिया को जानकारी देते हुए।
OBC को पंचायत- निकाय चुनावों में 50% आरक्षण
विश्वकर्मा ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास के आधार पर मिलने वाली योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। छात्रावास की समस्या के समाधान के लिए करोड़ों रुपए का प्रस्ताव बनाया गया है।
विश्वकर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में ओबीसी को 50 प्रतिशत तक आरक्षण देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि यह फैसला पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के पहले प्रतिवेदन के आधार पर लिया गया है।
















