रायपुर | 31 दिसंबर, 2025
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने सहायक शिक्षक पदों पर सीधी भर्ती 2023 को लेकर चल रहे विवादों और मांगों के बीच अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने आधिकारिक बयान जारी कर घोषणा की है कि भर्ती प्रक्रिया को अब पूर्णतः समाप्त माना जाएगा। शासन के अनुसार, यह निर्णय माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुपालन और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए लिया गया है।
न्यायालय के आदेश पर 2621 बीएड अभ्यर्थियों को हटाया गया
शिक्षा विभाग ने बताया कि भर्ती के शुरुआती चार चरणों में कुल 5301 नियुक्तियां की गई थीं, जिनमें 2621 बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थी शामिल थे। हालांकि, 2 अप्रैल 2024 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा बीएड अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पद के लिए अपात्र घोषित किए जाने के बाद विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए।
न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए, इन 2621 बीएड शिक्षकों के स्थान पर मेरिट सूची से डीएड (D.Ed) अभ्यर्थियों को अवसर दिया गया। इसके लिए चयन सूची की वैधता 1 जुलाई 2025 तक बढ़ाई गई थी।
पांचवें चरण के बाद समाप्त हुई वैधता
विभाग द्वारा मार्च-अप्रैल 2025 में भर्ती का पांचवां चरण आयोजित किया गया। इस चरण की स्थिति इस प्रकार रही:
- रिक्त पद: 2621 (बीएड अभ्यर्थियों के हटने के बाद)
- बुलाए गए डीएड अभ्यर्थी: 2615
- अनुपस्थित/अपात्र: 1316
- जारी नियुक्तियां: 1299
शासन ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2025 को परीक्षा परिणाम की विस्तारित वैधता समाप्त हो चुकी है। ऐसे में अब छठवें चरण की सूची जारी करने का कोई विधिक आधार नहीं बचा है।
आंदोलनकारियों की मांग को बताया आधारहीन
छठवें चरण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर विभाग ने कहा कि ये अभ्यर्थी मेरिट सूची में काफी नीचे हैं। कटऑफ रैंक पहले ही काफी नीचे जा चुकी है, और जो पात्र थे उन्हें नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। शासन का तर्क है कि यदि इस पुरानी भर्ती को और आगे बढ़ाया गया, तो शिक्षक और व्याख्याता पदों के अभ्यर्थी भी इसी तरह की मांग करेंगे, जिससे जटिलताएं पैदा होंगी।
नई भर्ती की तैयारी में विभाग
विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि 2023 की भर्ती को दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान प्रदेश में हजारों नए पात्र अभ्यर्थी तैयार हुए हैं जो आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतज़ार कर रहे हैं। विभाग ने कहा कि नई प्रतिभाओं को मौका देने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुरानी प्रक्रिया को समाप्त करना न्यायोचित और विधिसम्मत है।
















