पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को अपने अभियान ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत का ऐलान किया। इसके तहत विद्रोहियों ने एक साथ 48 अलग-अलग स्थानों पर पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में पाकिस्तान की सेना और पुलिस मुख्य तौर पर निशाने पर रही।
बीएलए ने दावा किया है कि इन हमलों में 84 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। संगठन के प्रवक्ता जियांद बलूच ने इसे बलूचिस्तान पर कथित कब्जे के खिलाफ निर्णायक संघर्ष बताया है।
गौरतलब है कि बीएलए ने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ का पहला चरण अगस्त 2024 के आखिर में शुरू किया था। उस दौरान संगठन का मकसद बलूचिस्तान में प्रमुख राजमार्गों और सैन्य शिविरों पर हमले करना था।
70 विद्रोहियों को मार गिराने का दावा
दूसरी तरफ, बलूचिस्तान सरकार ने 70 विद्रोहियों को मारने का दावा किया है। सरकार का कहना है शुक्रवार देर रात से शनिवार दोपहर तक विद्रोहियों ने 12 स्थानों पर सुरक्षा बलों, सरकारी एजेंसियों और नागरिकों पर हमले किए। इन अभियानों में 10 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई। विद्रोहियों ने यह अभियान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा पंजगुर और हरनाई में चलाए गए आपरेशन में 41 लड़ाकों की हत्या के बाद शुरू किया है।
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि ये हमले क्वेटा, ग्वादर, मकरम, हुब, चमन और नसीराबाद सहित विभिन्न स्थानों पर किए गए। इन हमलों में पुलिस, सीमा सुरक्षा बल और नागरिकों को निशाना बनाया गया।
अभियान अभी भी जारी
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने एक पोस्ट में कहा कि शुक्रवार रात को शुरू हुआ अभियान शनिवार शाम को भी जारी है। एक संघीय मंत्री ने कहा कि बीएलए के लड़ाकों ने ग्वादर में नागरिकों की हत्या की। सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने जियो न्यूज को बताया कि जब विद्रोहियों ने हमला किया, तो सुरक्षा बल सतर्क थे। उन्होंने इन हमलों को विफल कर दिया।
















