रायगढ़, 18 फरवरी। जिले में गौवंश संरक्षण और मवेशी तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस द्वारा “ऑपरेशन शंखनाद” अभियान चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारियों को मुखबिर तंत्र सक्रिय कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी अभियान के तहत 17 फरवरी की शाम थाना लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली कि आमापाली से झगरपुर मार्ग के रास्ते मवेशियों को ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम झगरपुर के पास घेराबंदी कर एक युवक को मवेशियों के साथ पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम देवानंद यादव (32 वर्ष), निवासी ग्राम आमापाली, थाना लैलूंगा बताया। उसके पास से 16 गौवंश बरामद किए गए। जब उससे परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह नहीं दिखा सका। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह रब्बुल खान के साथ मिलकर मवेशियों को ओडिशा ले जा रहा था।
बरामद गौवंश का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराकर उन्हें चारा-पानी की व्यवस्था के साथ सलखिया गौशाला भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी देवानंद यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि उसका साथी रब्बुल खान फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
इस मामले में थाना लैलूंगा में छत्तीसगढ़ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 और 11 के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि जिले में गौवंश तस्करी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत ऐसे मामलों में लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साहू समेत पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।















