हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार के लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
आज BSE Sensex 600 अंकों (करीब 0.80%) से ज्यादा गिरकर 81,620 के स्तर तक आ गया। वहीं Nifty 50 भी इंट्राडे में 200 अंक (करीब 0.90%) से ज्यादा टूटकर 25,272 पर पहुंच गया।
बीएसई पर मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में इस गिरावट के चलते निवेशकों को अब तक करीब 3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
पूरे हफ्ते दबाव में रहा बाजार
इस पूरे सप्ताह शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल बना रहा। अमेरिका में टैरिफ से जुड़े फैसलों और पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान का असर भी बाजार पर पड़ा है। इसके अलावा कई वैश्विक कारणों से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच हुई बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान परमाणु शक्ति हासिल करे, ऐसे में आगे क्या होगा इसे लेकर बाजार में असमंजस बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड का भाव 71 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। निवेशकों को चिंता है कि अगर तनाव बढ़ा तो सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
विदेशी निवेशकों की चाल
विदेशी निवेशकों (FII) ने लगातार 7 महीने तक बिकवाली की थी, हालांकि फरवरी में कुछ खरीदारी देखने को मिली है। इसके बावजूद वे मौके पर प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
बैंकिंग और अन्य सेक्टर्स में बिकवाली
हाल के समय में तेजी के बाद बैंकिंग, ऑटो, मेटल और FMCG जैसे सेक्टरों में तेज प्रॉफिट बुकिंग देखी जा रही है। इसका सीधा असर बाजार की चाल पर पड़ा है।
फ्लैट ओपनिंग के बाद आई गिरावट
शुक्रवार को बाजार ने हल्की गिरावट के साथ शुरुआत की थी। सेंसेक्स 28 अंकों की मामूली कमजोरी के साथ 82,220 पर खुला था, जबकि निफ्टी 50 भी 36 अंकों की गिरावट के साथ 25,459 के स्तर पर कारोबार शुरू किया था। इसके बाद दिन में गिरावट और तेज हो गई।
















