लोग वजन घटाने के लिए अपने वर्कआउट रूटीन में अक्सर स्किपिंग को शामिल करते हैं। स्किपिंग एक हाई-इंटेंसिटी कार्डियो एक्सरसाइज़ है, जिससे 10 से 15 मिनट में करीब 100 से 150 कैलोरी तक बर्न हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति एक महीने तक रोज़ाना स्किपिंग करता है, तो इसका असर सिर्फ वजन पर ही नहीं बल्कि पूरे शरीर की फिटनेस पर भी साफ नजर आता है।
स्किपिंग एक आसान लेकिन बेहद प्रभावी कार्डियो वर्कआउट है, जिसे कम समय में घर पर भी किया जा सकता है। इससे स्टैमिना बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है। आइए जानते हैं कि एक महीने तक स्किपिंग करने से सेहत को कौन-कौन से फायदे मिलते हैं और वजन में कितना फर्क पड़ सकता है।
एक महीने तक स्किपिंग करने से वजन कितना कम हो सकता है?
लगातार एक महीने 15 मिनट तक स्किपिंग करने से लगभग 150 से 200 कैलोरी बर्न होती है। अगर कोई व्यक्ति रोज़ 20, 30 मिनट स्किपिंग करता है और साथ में खान-पान पर थोड़ा कंट्रोल रखता है, तो एक महीने में करीब 2 से 4 किलो तक वजन कम हो सकता है। हालांकि, इस बता का ध्यान रखें कि वजन घटने की मात्रा उम्र, बॉडी वेट, डाइट और एक्सरसाइज़ की नियमितता पर निर्भर करती है।
शरीर पर क्या फायदे होते हैं?
लगातार एक महीने स्किपिंग करने से पेट, कमर, जांघ और बाजुओं की चर्बी तेजी से घटती है। मेटाबॉलिज़्म तेज होता है जिससे फैट बर्निंग बढ़ती है। दिल और फेफड़े मज़बूत होते हैं। स्किपिंग करने से पैरों, घुटनों और हड्डियों की ताकत बढ़ती है। पसीना निकलने से बॉडी डिटॉक्स होती है। तनाव कम होता है और एनर्जी लेवल बढ़ता है
इन बातों का भी रखें ध्यान
अगर आप स्किपिंग शुरू करने जा रहे हैं तो इन कुछ ख़ास बातों ध्यान रखें वरना चोटिल हो सकते हैं।
- स्किपिंग की शुरुआत सिर्फ 10 मिनट से करें, फिर धीरे धीरे समय को बढ़ाएं। स्किपिंग करते समय पानी ज़रूर पिएं और हेल्दी डाइट रखें।
- स्किपिंग करते समय सही माप के और मोटे कुशन सोल वाले जूते पहनें।
- अगर आपके घुटनों या पीठ में दर्द है तो स्किपिंग न करें। अगर आप करना चाहते हैं तो पहले एक बार डॉक्टर से सलाह लें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। दिन का भास्कर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
















