रायगढ़, 21 जनवरी 2026/
जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर पढ़ाई, रहने और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
कलेक्टर ने गढ़उमरिया स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, अध्ययन का माहौल और आवासीय सुविधाओं को लेकर चर्चा की। विद्यालय प्रबंधन ने खेल मैदान के विकास और विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त छात्रावास भवन की आवश्यकता से कलेक्टर को अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने गढ़उमरिया में संचालित नवगुरुकुल संस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उन्हें निरंतर मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन भी दिया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की पहल पर रायगढ़ में नवगुरुकुल का संचालन किया जा रहा है, जहां 120 बालिकाओं को निःशुल्क आवासीय दो वर्षीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां छात्राओं को इंजीनियरिंग, प्रोग्रामिंग, बिजनेस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों का प्रशिक्षण मिलता है। संस्था की टीम में आईआईटी दिल्ली, एनआईटी सूरत और सेंट स्टीफेंस कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के पूर्व छात्र शामिल हैं।
कलेक्टर ने महात्मा गांधी उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, गढ़उमरिया का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शैक्षणिक वातावरण का जायजा लिया और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और शोध कार्यों से जुड़ी जरूरतों को समझा। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपलब्ध शैक्षणिक और अधोसंरचनात्मक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
















