देश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया की पहुंच हो या नहीं, इस पर गंभीर मंथन शुरू हो गया है। हालिया घटनाक्रमों से संकेत मिल रहे हैं कि कई राज्य इस दिशा में सख्त कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश के बाद अब गोवा सरकार भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने की संभावना पर विचार कर रही है।
दरअसल, आंध्र प्रदेश में पहले ही इस विषय पर एक समिति गठित की जा चुकी है, वहीं गोवा सरकार भी इसी तरह के कदम पर सोच रही है। दोनों राज्य ऑस्ट्रेलिया से प्रेरणा ले रहे हैं, जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को देखते हुए नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया बैन करने का कानून लागू किया गया है।
गोवा के आईटी मंत्री ने क्या कहा
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत मेटा, यूट्यूब और एक्स जैसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ा बाजार है, जहां बड़ी संख्या में यूजर्स 18 साल से कम उम्र के हैं। गोवा के सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस मंत्री रोहन खुंटे ने इस सप्ताह पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ऑस्ट्रेलिया के मॉडल का अध्ययन कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर संभव हुआ तो गोवा में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगाया जा सकता है। हालांकि, इसके नियम और शर्तों की जानकारी बाद में दी जाएगी।
आंध्र प्रदेश में पहले से चल रही है तैयारी
आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने 22 जनवरी को संकेत दिया था कि सरकार सोशल मीडिया पर बैन को लेकर गंभीर है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर लागू नियमों का अध्ययन करने और एक महीने के भीतर सुझाव देने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों की एक समिति गठित की है। नारा लोकेश ने कहा था कि इसके लिए एक मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत पड़ सकती है और सरकार जल्द समाधान निकालेगी।
गोवा सरकार का रुख
गोवा सरकार का कहना है कि किसी भी फैसले से पहले विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी। हालांकि, सोशल मीडिया से जुड़े नियम आमतौर पर केंद्र सरकार के दायरे में आते हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या राज्य सरकारें इसके लिए अलग कानून लाती हैं। गोवा और आंध्र प्रदेश में हो रही पहल से देशभर में बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल आज़ादी के संतुलन को लेकर नई बहस छिड़ सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में पहले ही लागू हो चुका है बैन
पिछले साल ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह बैन लगाने वाला दुनिया का पहला देश बना। रॉयटर्स के मुताबिक बैन लागू होने के पहले ही महीने में करीब 47 लाख टीनएजर्स के सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद फ्रांस, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देश भी इस मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं।
















