रायगढ़ 21 जनवरी 2026।
धान खरीदी को लेकर किसानों की परेशानियां लगातार बनी हुई हैं। गुरुवार को पुसौर जनपद में सैकड़ों किसान शासन-प्रशासन के विरोध में सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। किसानों का कहना है कि समिति की ओर से उन पर 30 प्रतिशत रकबे का धान नहीं बेचने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है।
धान खरीदी में रकबा सीमा को लेकर पुसौर क्षेत्र के किसान पहले से ही असमंजस में थे। किसानों ने बताया कि कलेक्टर जनदर्शन में भी इस समस्या को उठाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया। अब समिति द्वारा 30 प्रतिशत रकबे के धान की खरीद नहीं किए जाने के निर्देश से किसानों में नाराजगी और बढ़ गई।
5–6 गांवों के किसान बैठे धरने पर
कटौती से नाराज किसानों ने किसान नेता लल्लू सिंह के नेतृत्व में रायगढ़-पुसौर मार्ग पर धरना दिया। इसमें पुसौर, सारसमाल, कर्राजोर, घींच, सलोनी, तड़ोला सहित आसपास के 5-6 गांवों के किसान शामिल हुए।
डेढ़ घंटे तक बाधित रहा यातायात
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने ट्रैक्टर और चारपहिया वाहनों के साथ पुसौर सोसायटी के सामने मुख्य सड़क को जाम कर दिया। इससे भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे।
तहसीलदार के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन
तहसीलदार ने समिति प्रबंधक को निर्देश दिए कि कटे हुए सभी टोकन के आधार पर किसानों का धान खरीदा जाए। इसके बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और यातायात सामान्य हो सका। किसानों का कहना है कि धान खरीदी में पारदर्शिता होनी चाहिए और रकबा प्रतिबंध से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
















