Operation Hinterland Brew: जंगल में बनी ड्रग फैक्ट्री पर DRI की छापेमारी, 192 करोड़ की मेफेड्रोन जब्त :
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के वर्धा में चल रही अवैध मेफेड्रोन निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है.यह ऑपरेशन “ऑपरेशन हिन्टरलैंड ब्रू” के तहत 07 और 08 दिसंबर 2025 को चलाया गया था.इस कार्रवाई में 128 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 192 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके साथ ही 245 किलोग्राम प्रीकर्सर केमिकल, कच्चा माल और पूरा प्रोसेसिंग सेटअप भी जब्त किया गया है.सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर की गई। DRI की टीम ने वर्धा से लगभग 60 किलोमीटर दूर, करंजा (घाडगे) के घने और सुनसान इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान अधिकारियों को झाड़ियों और पेड़ों के बीच लगी एक पूरी तरह सक्रिय सिंथेटिक ड्रग निर्माण यूनिट मिली.फैक्ट्री में मौजूद अस्थायी रिएक्टर, बड़े बर्तन, प्रोसेसिंग मशीनें और केमिकल स्टोरेज से साफ संकेत मिलता है कि यह यूनिट लंबे समय से बड़े स्तर पर मेफेड्रोन की सप्लाई कर रही थी.अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और इस नेटवर्क में और भी लोगों की संलिप्तता होने की संभावना
जंगल में छिपी ड्रग फैक्ट्री उजागर: DRI ने मास्टरमाइंड समेत तीन को पकड़ा, इस साल की पांचवीं बड़ी कार्रवाई.महाराष्ट्र के वर्धा जिले में झाड़ियों और ग्रामीण माहौल के बीच गुप्त रूप से संचालित हो रही एक अवैध मेफेड्रोन निर्माण फैक्ट्री का खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया कि इस फैक्ट्री को स्थानीय लोगों की मदद से एक अस्थायी और मॉड्यूलर संरचना के रूप में बनाया गया था, ताकि यह आसपास के वातावरण में आसानी से घुल-मिल जाए और किसी भी जांच एजेंसी को संदेह न हो.पूरा सेटअप इतने रणनीतिक तरीके से तैयार किया गया था कि यह फैक्ट्री पेड़ों और झाड़ियों की आड़ में पूरी तरह छिपी हुई थी और बाहरी रूप से इसे पहचान पाना लगभग असंभव था.
मास्टरमाइंड मिला पुलिस की गिरफ्त में :ऑपरेशन के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें वह मुख्य मास्टरमाइंड भी शामिल है, जो इस नेटवर्क में फाइनेंसर और केमिस्ट—दोनों भूमिकाएं निभा रहा था. उसके दो सहयोगी, जो वितरण और प्रोडक्शन में सक्रिय थे, उन्हें भी दबोचा गया है.तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act, 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
2025 में अब तक 5 फैक्ट्रियां ध्वस्त : DRI की रिपोर्ट के अनुसार, केवल इस वर्ष अब तक पांच अवैध ड्रग निर्माण इकाइयों का भंडाफोड़ किया जा चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि मेफेड्रोन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स का अवैध कारोबार लगातार नेटवर्क बनाकर फैलाने की कोशिश में है. सरकार के मिशन “नशा मुक्त भारत” को मजबूती इस तरह की लगातार कार्रवाई न केवल DRI की सतर्क निगरानी और तेज़ खुफिया प्रणाली का प्रमाण है, बल्कि यह सरकार के चल रहे नशा मुक्त भारत अभियान को भी मजबूत करती है. एजेंसियों का कहना है कि देश को नशीले पदार्थों से सुरक्षित रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी तेज़ गति से जारी रहेंगे.
















