केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें सेंट्रल पे कमीशन (CPC) के गठन को नोटिफाई किया था। इसके बाद से लाखों केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स के मन में यह सवाल उठ रहा था कि क्या 31 दिसंबर 2025 तक या उससे पहले रिटायर हुए लोगों को नए पेंशन रिवीजन का लाभ मिलेगा। अब इस मुद्दे पर सरकार ने अपनी स्थिति साफ कर दी है।
दरअसल, फाइनेंस एक्ट 2025 के जरिए मौजूदा पेंशन नियमों को वैध किए जाने के बाद कुछ लोगों में यह चिंता बढ़ गई थी कि कहीं पुराने और नए पेंशनर्स के बीच अंतर न किया जाए। इसको लेकर संसद में भी सवाल उठे थे।
लोकसभा में इस विषय पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि 8वें वेतन आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन से जुड़े मामलों पर सिफारिश देने की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार के इस बयान से साफ है कि वेतन और भत्तों के साथ-साथ पेंशन भी 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल है। साथ ही यह भी बताया गया कि पेंशन से जुड़े मामले सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स 2021 और सेंट्रल सिविल सर्विसेज (एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन) रूल्स 2023 के तहत आते हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पेंशन में किसी भी बदलाव को लागू करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सामान्य आदेश जारी किए जाते हैं, जिनमें पे कमीशन की सिफारिशों को लागू किया जाता है।
ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर पेंशनर्स को भी राहत मिल सकती है, हालांकि अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।
















