जम्मू संभाग के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे केरी सेक्टर में पिछले 48 घंटों के भीतर दूसरी बार संदिग्ध ड्रोन नजर आने की सूचना मिली है। ड्रोन की मौजूदगी सामने आते ही सीमा पर तैनात सतर्क भारतीय सेना के जवानों ने एहतियात बरतते हुए उन्हें निशाना बनाने के लिए फायरिंग की।
सूत्रों के अनुसार, यह ड्रोन गतिविधि सीमा पार से निगरानी या किसी संदिग्ध मकसद से की गई हो सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी तरह के नुकसान या घुसपैठ की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी बार दिखाई दिए ड्रोन
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सेना और सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं और तलाशी अभियान भी तेज कर दिया गया है। बीते 48 घंटे पहले पांच जगहों पर ड्रोन देखे थे जिन में राजौरी, पुंछ, सांबा,नौशहरा के क्षेत्र शामिल हैं। इस से पहले शुरुआती जनवरी से अभी तक कई ड्रोन के मामले आने आए हैं जिन में पाकिस्तान की और से भेजे गए ड्रोन में नशे की खेप और हथियार और विस्फोटक बरामद हो चुके हैं।
आतंकी के साथ भारतीय सेना की मुठभेड़ जारी
इसके साथ ही जम्मू संभाग में नियंत्रण रेखा से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में बड़े पैमाने पर लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों में जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी, सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल और भारतीय सेना संयुक्त रूप से शामिल हैं। जानकारी के अनुसार जैश के एक आतंकी के साथ भारतीय सेना की मुठभेड़ जारी है। कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र में तलाशी और छानबीन के दौरान संदिग्ध हलचल दिखाई देने पर कुछ राउंड फायरिंग भी की गई। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
वहीं, आगामी गणतंत्र दिवस को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक गश्त बढ़ा दी गई है, हर चौक-चौराहे पर कड़ी नजर रखी जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।















