Gmail दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले ईमेल प्लेटफॉर्म्स में से एक है, जिस पर पर्सनल बातचीत से लेकर संवेदनशील दस्तावेज़ों तक के लिए भरोसा किया जाता है। लेकिन एक टेक एक्सपर्ट की हालिया चेतावनी ने ईमेल प्राइवेसी को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। इंजीनियरिंग यूट्यूबर डेवरी जोन्स (Davery Jones) ने दावा किया है कि कई Gmail अकाउंट्स डिफॉल्ट रूप से ऐसे सेट होते हैं, जिनमें Google को ईमेल और अटैचमेंट्स तक ऑटोमैटिक एक्सेस मिल जाता है, ताकि उसके AI फीचर्स काम कर सकें—और अक्सर यूजर्स को इसका पता भी नहीं चलता।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि Gmail यूजर्स संभवतः अनजाने में ऐसे AI टूल्स के लिए ‘ऑप्ट-इन’ कर दिए जाते हैं, जो निजी मैसेज पढ़ सकते हैं। हालांकि Google का कहना है कि वह इस डेटा का इस्तेमाल अपने AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं करता, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिफॉल्ट ऑप्ट-आउट सेटिंग्स उलझन भरी हो सकती हैं और यूजर्स को यह समझ नहीं आता कि वे कितनी एक्सेस दे रहे हैं।

Gmail पर स्मार्ट फीचर्स कैसे बंद करें
जो यूजर्स अपनी प्राइवेसी सुरक्षित रखना चाहते हैं, उनके लिए Gmail के स्मार्ट फीचर्स को बंद करना एक आसान लेकिन जरूरी कदम है। डेस्कटॉप या लैपटॉप पर Gmail खोलें, ‘See all settings’ पर क्लिक करें और फिर स्मार्ट फीचर्स सेक्शन में जाएं। यहां ‘Turn on smart features in Gmail, Chat, and Meet’ वाले ऑप्शन को अनचेक करें।
इसके बाद ‘Manage Workspace smart feature settings’ पर क्लिक करें। एक नई विंडो खुलेगी, जहां से Google Workspace और अन्य Google प्रोडक्ट्स में मौजूद स्मार्ट फीचर्स को बंद किया जा सकता है। इन फीचर्स को डिसेबल करने पर Ask Gemini, कंटेंट समरी, Google Assistant सुझाव और अन्य ऑटोमेटेड रिकमेंडेशन जैसी सुविधाएं बंद हो जाएंगी।
एक्सपर्ट्स क्यों जता रहे हैं चिंता
हालांकि Google का कहना है कि Gmail डेटा से AI ट्रेनिंग नहीं की जाती, लेकिन प्राइवेसी एक्सपर्ट्स स्मार्ट फीचर्स को जरूरत से ज्यादा दखल देने वाला मानते हैं। सेटिंग्स जटिल होने की वजह से कई यूजर्स को यह अहसास ही नहीं होता कि ये फीचर्स डिफॉल्ट रूप से चालू हैं, जिससे संवेदनशील ईमेल जानकारी बिना स्पष्ट सहमति के एक्सेस हो सकती है।
यही वजह है कि एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि Gmail यूजर्स समय-समय पर अपनी सेटिंग्स अपडेट करें, ताकि ईमेल और अटैचमेंट्स पूरी तरह निजी बने रहें। भले ही अभी Google इस जानकारी का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग के लिए न कर रहा हो, लेकिन गैर-जरूरी फीचर्स को बंद रखना डिजिटल सुरक्षा की अच्छी आदत मानी जाती है।
Google की प्रतिक्रिया

Google ने इन आरोपों को खारिज किया है कि वह यूजर ईमेल का इस्तेमाल अपने AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए करता है। कंपनी का कहना है कि स्मार्ट फीचर्स से एकत्र किया गया डेटा केवल Gmail और अन्य Google प्रोडक्ट्स में सुझाव और सहायक टूल देने के लिए इस्तेमाल होता है। Google का यह भी दावा है कि इन फीचर्स के बाहर किसी भी ईमेल कंटेंट तक पहुंच नहीं होती। इसके बावजूद, यह मामला यूजर्स को अपनी अकाउंट प्राइवेसी सेटिंग्स नियमित रूप से चेक करने की अहमियत की याद दिलाता है।
















