इस बार की दिवाली केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बेहद खास होने वाली है। इसकी वजह ये है कि केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की दिशा में बढ़ा सकती है। इसके साथ ही महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी कर सकती है। इन दोनों फैसलों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। अगले महीने महंगाई भत्ता यानी डीए में 3 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो मौजूदा 55 फीसदी डीए बढ़कर 58 फीसदी हो जाएगा। यह खबर खासकर उन लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत की बात है जो हर महीने अपनी सैलरी और पेंशन का इंतजार कर रहे है
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिवाली से पहले महंगाई भत्ते (Dearness Allowance- DA) को बढ़ाए जाने को लेकर कुछ बड़ा ऐलान हो सकते हैं। इस बढ़ोतरी से 1.2 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा होगा। दशहरा और दिवाली के मौके पर खर्च करने के लिए उनके पास अतिरक्त पैसे होंगे। मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 55 फीसदी DA मिलता है। बता दें कि केंद्र सरकार हर साल दो बार डीए में बदलाव करती है। पहला जनवरी से जून तक के लिए और दूसरा जुलाई से दिसंबर तक के लिए।
पिछली बार 2 फीसदी बढ़ा था DA
इस साल मार्च 2025 में सरकार ने जनवरी-जून के लिए डीए में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद डीए 53 फीसदी से बढ़कर 55 फीसदी हो गया था। अब जुलाई-दिसंबर 2025 के लिए 3 फीसदी की बढ़ोतरी की बात चल रही है। अगर यह लागू होता है तो करीब 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका फायदा मिलेगा।
पड़ता है क्योंकि यह बेसिक सैलरी के आधार पर तय होता है। अगर पेंशनर की बेसिक पेंशन 9,000 रुपये है तो 55 फीसदी डीए के हिसाब से उन्हें 4,950 रुपये डीए मिलता है। ऐसे में कुल पेंशन 13,950 रुपये बनती है। अगर डीए 58 फीसदी हो गया तो डीए बढ़कर 5,220 रुपये हो जाएगा और कुल पेंशन 14,220 रुपये हो जाएगी। कहने का मतलब ये हुआ कि 270 रुपये का फायदा हुआ।
आठवां वेतन आयोग
16 जनवरी 2025 को सरकार ने यह साफ कर दिया था कि 8वें वेतन आयोग का गठन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक दिवाली से पहले इसके Terms of Reference (ToR) तय हो सकते हैं और आयोग का गठन भी हो सकता है। आयोग में 6 सदस्य होने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट देने के लिए 15–18 महीने का समय तय किया जा सकता है, हालांकि इस बार लक्ष्य 8 महीने का भी रखा जा सकता है ताकि 1 जनवरी 2026 से नई सिफारिशें लागू की जा सकें।
















